ओवरलोडिंग से पुराना यमुना पुल दरकने व आवागमन बंद होने के बाद भी ओवरलोड ट्रकाें की आवाजाही नहीं रुक पा रही है। धड़ल्ले से अब नए पुल से भी ओवरलोडिंग शुरू हो गई है। उधर, हाईवे अथारिटी का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो और ओवरलोडिंग न रुकी तो नया पुल भी तय समय सीमा से पहले दरक जाएगा। इससे करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। इस संबंध में भी रिपोर्ट
उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। रविवार को पुराना यमुना पुल बंद होने के बाद अब पूरा लोड नए पुल पर आ गया है। वहीं, नए पुल पर जाम के बावजूद इस पर से ओवरलोड वाहनों का निकलना शुरू हो गया है। रविवार को हजारों ओवरलोड वाहन पुल से गुजरे। यह तब है जबकि पुराने पुल के दरकने के पीछे हाईवे अथारिटी के अफसर ओवरलोडिंग को ही मुख्य वजह मान रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों की लापरवाही
समझ से परे है। सूत्रों की माने तो जबरदस्त ओवरलोडिंग के चलते अब इस नए पुल पर भी दरकने का खतरा मंडराने लगा है। इस संबंध में हाईवे अथारिटी केे जनसंपर्क अधिकारी बीएम तिवारी ने बताया कि
ओवरलोडिंग से पुल की बेयरिंग व कं क्रीट को सबसे ज्यादा खतरा रहता है। अब पूरा लोड नए पुल पर ही है। अगर इसी तरह ओवरलोडिंग जारी रही तो नया पुल भी दरकने लगेगा। अफसरों की माने तो नए पुल के दरकने से इस रूट पर आवागमन पूरी तरह ठप्प पड़ सकता है। नए पुल पर ओवरलोडिंग के संबंध में अथारिटी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इसकी रिपोर्ट शासन व उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
छह माह लग सकते हैं मरम्मत में
पुराने पुल की मरम्मत होकर चालू होने में कम से कम छह माह का समय लगेगा। यदि इसी तरह ओवरलोडिंग हुई और नया पुल भी फेल हो गया तो सड़क मार्ग एनएच 25 पर रास्ता पूर्णतया बंद हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो उद्योग धंधे, आयात-निर्यात बंद हो जाएगा। यहां का क्षेत्र दूसरे क्षेत्रों से कट जाएगा।
सीएम के सामने भी उठ चुका है मुद्दा
आठ नवंबर 2014 को कालपी क्षेत्र के तिरही गांव में शहीद नेकपाल को श्रद्धांजलि देने आए यूपी के सीएम अखिलेश यादव के सामने अमर उजाला द्वारा ओवरलोडिंग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। उस समय भी ओवरलोडिंग के चलते पुल में बियरिंग खराब होने से पुल बंद था। पुल की समस्या के बाबत अखिलेश यादव ने शहीद के घर पर ही तत्कालीन डीएम रामगणेश व एसपी राकेश शंकर को मीडिया के समक्ष कड़ी हिदायत देते हुए तत्काल ओवरलोडिंग बंद करने के निर्देश दिए थे।