बेटियां अपने परिवार व देश का नाम रोशन करती हैं। बेटियों को बचाने की जरूरत है। ‘अमर उजाला’ की बेटी बचाओ की इस मुहिम का सार्थक नाम है बेगम फिरदौस की देश की सबसे वजनी नवजात बच्ची. जिसने पैदा होते ही राष्ट्रीय स्तर पर एक रिकार्ड बना दिया।
बेगम फिरदौस के अनुसार उन्हें अपनी इस संतान पर गर्व है और अब वे इसे खूब पढ़ाएंगी और डॉक्टर बनाएंगी ताकि यह देश और समाज की सेवा कर सके। गौरतलब है कि जालौन जिले के कदौरा ब्लाक के गुलौली गांव निवासी 37 वर्षीय बेगम फिरदौस ने कभी यह सपने में नहीं सोचा था कि उनकी नौंवी संतान पूरे देश मेें जन्म लेते ही अपना नाम कर लेगी।
बच्ची जन्म के समय साढ़े छह किलो की थी। इसकी जानकारी सबसे पहले ‘अमर उजाला’ को लगी। ‘अमर उजाला’ ने इस बारे में चिकित्सकों के उस दावे को भी सामने रखा जिसमें कहा गया कि यह बच्ची अब तक देश में पैदा हुए किसी भी बच्चे से वजन में सबसे ज्यादा है।
हालांकि इस दौरान चिकित्सकों ने बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी चिंता जरूर व्यक्त की थी। जिसके बाद बच्चे को उरई से झांसी रेफर कर दिया गया। यहां डॉ. प्रमोद गुप्ता इस बच्चे की देख रेख कर रहे हैं। डॉ. प्रमोद गुप्ता के अनुसार बच्ची अभी स्वस्थ है।
जब बच्ची उनके पास लाई गई थी तब बच्ची की पसलियां तेज चल रही थीं और बच्ची की सांसे भी सामान्य से ज्यादा गति से चल रही थीं। उन्होंने कहा कि बच्ची को अभी कम से कम एक सप्ताह तक नर्सरी में रखा जाएगा जहां उसकी इंटेनसिव केयर की जाएगी।