बुजुर्ग महिला प्रेमा देवी पचासी वर्ष को मतदान करने के लिए ले जाते परिवार के लोग
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उरई। सूरज भले ही सुबह से आग उगल रहा हो और दोपहर के वक्त सड़कें तपिश से जल रही हो लेकिन गांव की सरकार बनाने को 70 और 80 पार उम्र के बुजुर्गों का भी हौसला देखते बन रहा था। सोमवार को अधिकतम तापमान 41 होने के बावजूद गांव की कच्ची ऊबड़ खाबड़ सड़क हो या फिर तपता हुआ हाईवे इन बुजुर्गों और दिव्यांगों का हौसला मौसम का पारा कम नहीं कर पाया।
कोई दिव्यांग बैसाखी या लाठी के सहारे तो झुकी कमर का बोझ अपने किसी करीबी के हाथों में थमाते हुए बुजुर्ग मतदान केंद्र को जाते और आते दिखाई देते रहे। युवाओं में भी जबर्दस्त उत्साह दिखा। किसी बुजुर्ग का कहना था कि उनके परिवार पर नेता के बड़े एहसान हैं, वह तो वोट देकर उतारने ही है तो दिव्यांगों की जुबान से निकला कि यदि वोट देने नहीं जाएंगे तो गांव की सरकार भी दिव्यांग न बन जाए इसलिए विकास के वास्ते वोट तो देना ही है, फिर शारीरिक अक्षमता भी बाधा नहीं बन सकती है।
लाठी के सहारे उदोतपुरा बूथ से वोट डालकर निकले दिव्यांग दिव्यांग धर्मेंद्र चौहान का कहना है कि एक एक वोट से सरकार बनती और बिगड़ती है। लिहाजा सही प्रधान चुने जाने के लिए उन्हें बूूथ तक आना ही पड़ा। लाठी और परिजनों के कंधों के सहारे 90 साल के परमसुख भी औरेखी में वोट डालने पहुंचे तो बोले कि इतने साल से वोट डाल रहे हैं, भला इस बार कैसे घर बैठ जाते हैं। उनका प्रयास रहेगा अभी कम से दो बार और गांव की सरकार चुनने में अपनी भागीदारी निभाएंगे।
70 साल की रामकली भी अपने नाती के साथ वोट डालने प्रतापपुरा पोलिंग बूथ पहुंचीं। पैरों से दिव्यांग फौजी सीताराम दोहरे का वोट रवा गांव में था, लिहाजा वे अपने साथी को लेकर वोट डालने पहुंचे और बोले कि फौजी रहा हूं, जब दुश्मन की गोलियों से नहीं डरा तो भला दिव्यांगता उन्हें वोट के दिन कैसे घर पर रोक सकती थी। एट के ग्राम सोमाई में 80 साल के मातादीन भी वॉकर के सहारे वोट डालने पहुंचे।
इसी तरह आटा गांव की प्रेमा देवी तो हाईवे पर स्थित पोलिंग बूथ पर अपना वोट डालने पहुंची। बोली कि क्या हुआ कि कमर झुक गई है लेकिन पांव तो अभी साथ दे रहे हैं। सो वोट देने चली आई। ग्राम भेंपता में बीनार मिथिला देवी चारपाई से उठकर वोट देने परिजनों के साथ पहुंचीं। मुहम्दाबाद गांव निवासी 80 वर्षीय प्रेमी को भी उनके परिजन वोट देने के लिए दोनों हाथों से पकड़कर बूथ तक लाए।