ग्राम गिधौसा में घुसे तेंदुए को कानपुर से आई वन विभाग की टीम ने चार घंटे
की कड़ी मशक्कत के बाद पिंजडे़ में बंद कर लिया। इस दौरान गांव और आस पास
के इलाकों में अफरातफरी मची रही। हसील क्षेत्र के ग्राम गिधौसा में मंगलवार
को एक तेंदुआ गांव में घुस आया था। ग्रामीणों ने इसे गांव से भगाने की
कोशिश की गई तो वह हमलावर हो गया। इसने दो ग्रामीणों
रामकुमार व श्यामचरण
वर्मा को घायल कर दिया। तेंदुए से भयभीत ग्रामीणों ने उस पर पत्थर व लाठी
डंडे फेंकना शुरू कर दिया। इससे वह बुरी तरह घायल हो गया। बाद में तेंदुआ
चच्चा कुशवाहा के मकान में घुस गया। इस पर ग्रामीणों ने उनके घर का दरवाजा
बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद ग्राम प्रधान महेंद्र सिह गुर्जर ने इसकी
सूचना उपजिलाधिकारी प्रेमचंद्र यादव को
दी। उन्होंने उप वन अधिकारी
भीमसेन,वन क्षेत्राधिकारी आरएस चौरसिया व तहसीलदार सतीशचंद्र वर्मा को मौके
पर भेजा लेकिन जिले की वन विभाग की टीम उसे पकड़ने में असमर्थ रही। इस पर
डीएफओ भीमसेन ने कानपुर वन अधिकारियों को सूचना दी। इस पर कानपुर चिड़ियाघर
के डॉ. आर.के सिंह, आर.के त्रिपाठी, केसी त्रिपाठी, वन दरोगा जितेंद्र नाथ
की टीम रात्रि
नो बजे गिधौसा पहुंची। यहां टीम ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत
के बाद तेंदुए को नशे का इंजेक्शन देकर रात्रि लगभग एक बजे पकड़ लिया।
तेंदुए के पकड़े जाने के बाद प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
तेंदुए को वन विभाग की टीम अपने साथ ले गई।