आफीसर कालोनी में गुणवत्ता को ताक पर रखकर सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। यह बात नगर पालिका प्रशासन के सामने आई तो मंगलवार को आनन फानन में गुणवत्ता की जांच कराई गई। जांच टीम को सड़क के पहले कोड में केवल डस्ट मिली। दूसरे कोड में गिट्टी की मात्रा काफी कम पाई गई।
सड़क निर्माण में अनियमितता मिलने पर सहायक अभियंता ने दोबारा सड़क निर्माण कराने के लिए कहा है। मालूम हो कि यह कार्रवाई ‘अमर उजाला’ में खबर छपने के बाद हुई। आफीसर कालोनी में सीओ सिटी आवास से देवीदीन ठेकेदार के घर तक 500 मीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है।
नगर पालिका केे 29 लाख के बजट से बनने वाली सड़क में मानक की अनदेखी की जा रही थी। ‘अमर उजाला’ ने इस संबंध में पहली दिसंबर को प्रमुखता से छापा था। खबर का असर यह हुआ कि डीएम ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच कमेटी गठित की।
मंगलवार को जांच टीम में शामिल नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रविंद्र कुमार, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सीपी सिंह व अवर अभियंता रामप्रकाश ने मौके पर जाकर जांच की। इस दौरान मानक के मुताबिक सड़क की ऊंचाई 27.5 सेमी होना चाहिए थी, जिसमें 200 मीटर सड़क की ऊंचाई 11.5 सेमी मिली।
यहीं नहीं बाकी सड़क की ऊंचाई 22.5 सेमी थी। इसके अलावा पहले कोड में केवल डस्ट अधिक गिट्टी का कम प्रयोग किया गया। इस बाबत लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सीपी सिंह ने बताया कि सड़क के पहले कोड में डस्ट की मात्रा अधिक पाई गई। सड़क निर्माण में अनियमितता सामने आई है, जिससे सड़क का दोबारा निर्माण कराया जाएगा।