दो अप्रैल को छपी खबर का पीडीएफ
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उरई। उरई रेलवे स्टेशन पर बिजली गुल होने पर जेनरेटर न चलने को लेकर मंडलीय रेल अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने बिजली विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर पीडी निरंजन से जवाब तलब किया है। इस पर पीडी निरंजन स्टेशन मास्टर के आफिस पहुंचे और उनसे पूछा कि बिजली कब गई थी और कितनी देर बाद आई थी। सेक्शन इंजीनियर ने जेनरेटर आपरेटर से भी स्पष्टीकरण मांगा है। इस घटना को लेकर रेलवे में हड़कंप मचा हुआ है।
बता दें कि उरई यार्ड के दोहरीकरण के बाद व्यवस्थाएं गड़बड़ाई हुई है। न तो अभी कोच इंडीकेटर हो रहे है और न ही बिजली जाने पर समय से जनरेटर चलते हैं। इसके चलते यात्रियों को खासी दिक्कत होती है। सबसे ज्यादा परेशानी रात में होती है। इसे लेकर कई बार हो हल्ला हो चुका है। बुधवार को पुष्पक एक्सप्रेस के आने पर बिजली गुल होने पर जनरेटर नहीं चला था। इस पर यात्रियों ने हो हल्ला किया था। इसे अमर उजाला ने शुक्रवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसकी गूंज मंडलीय अधिकारियों तक पहुंच गई थी। उन्होंने इसे लेकर रेलवे के बिजली विभाग के सेक्शन इंजीनियर पीडी निरंजन से जवाब तलब किया। पीडी निरंजन आज दिन पर जवाब तैयार करने में लगे रहे।
उधर, लगभग एक साल से बंद झांसी कानपुर पैसेंजर का संचालन शुरू हो गया। दूसरे दिन शुक्रवार को कानपुर झांसी झांसी कानपुर पैसेंजर की दोनों तरफ से संचालन हुआ। जिनमें 51 टिकट पर 69 यात्रियों ने झांसी कानपुर के लिए यात्रा की। कर्मचारियों ने बताया कि दूसरे दिन 3420 रुपये के टिकटों की बिक्री हुई। दूसरी ओर आरपीएफ ने ट्रेन यात्रियों को ज्वलनशील पदार्थ को लेकर यात्रा न करने के लिए जागरूक किया। आरपीएफ दरोगा रामऔतार ने टीम के साथ पनवेल गोरखपुर एक्सप्रेस, ग्वालियर बरौनी व बरौनी ग्वालियर मेल में यात्रियों को जागरूक किया।