उरई। जिले में रविवार को 33 ग्रामीण व सात शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। इनमें 40 चिकित्सक व 152 पैरामेडिकल स्टाफ ने 794 पुरुष, 690 महिलाओं व 265 बच्चों समेत 1749 रोगियों का परीक्षण किया गया। नगरीय पीएचसी कांशीराम कॉलोनी फार्मासिस्ट के हवाले रहा। दोपहर 12 बजे तक यहां 18 मरीज देखे जा चुके थे। डॉ. सागर और स्टाफ नर्स छाया मेले में नहीं थीं। फार्मासिस्ट रामपाल, एलटी दीपक व वार्ड बॉय मरीज देख रह थे।
मेले में 40 आयुष्मान कार्ड बनाए गए। बुखार पीड़ित 108 मरीजों में 24 रोगियों की मलेरिया कार्ड से जांच की गई। 19 हेपेटाइटिस व 21 की आंखों की जांच की गई। मेले में 70 गर्भवती महिलाएं भी देखी गईं। पांच रोगियों को उपचार के लिए उच्च सेंटर रेफर किया गया। मेले में 268 लिवर संबंधी, 143 श्वसन संबंधी समस्याओं, 96 डायबिटीज के रोगी आए। सबसे अधिक 327 त्वचा संबंधी और नौ रोगी खून की कमी के मरीज पहुंचे। इसके अलावा 52 उच्च रक्तचाप के रोगियों को देखा गया।
मौसम को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह
कालपी। पीएचसी उदनपुरा में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 42 मरीजों का उपचार किया गया। चिकित्साधिकारी डॉ. सोनू गौतम ने बदलते मौसम के दौरान फैलने वाली बीमारियों व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए सुझाव दिए। कहा कि खुजली, त्वचा रोग,उल्टी, दस्त, पेट रोगियों की संख्या बढ़ रही है। सभी लोग सतर्कता बरते। इसी तरह पीएचसी महेबा में डॉ. शेख शहरयार ने 30 मरीजों की जांच कर दवाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस समय बरसात नहीं हो रही है। दिन में गर्मी हो रही है। रात 11 बजे ठंडक का एहसास होता है। इसमें सावधानी बरतने की जरूरत है। कोल्ड ड्रिंक नींबू पानी,जूस व तली हुई चीजों का उपयोग न करें। (संवाद)