फोटो-12-क्लीनिक पर छापेमारी के दौरान मौजूद एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण। संवाद
उरई। जिले में झोलाछाप के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण ने शहर के मोहल्ला बघौरा में संचालित एक क्लीनिक पर छापा मारकर उसे सील कर दिया। मौके पर मरीजों का इलाज किए जाने की पुष्टि होने पर संचालक को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब तलब किया गया है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
छापेमारी के दौरान क्लीनिक में तीन से चार मरीज इलाज के लिए बैठे मिले। एसीएमओ ने संचालक से चिकित्सकीय योग्यता और डिग्री के संबंध में पूछताछ की तो उसने अपना नाम सुजान विश्वास और खुद को फार्मासिस्ट बताया। उसने कहा कि वह पिछले 15 से 20 वर्षों से मरीजों का इलाज कर रहा है व मरहम-पट्टी, इंजेक्शन लगाने सहित अन्य उपचार करता है। इस पर एसीएमओ ने फटकार लगाते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को केवल उसी कार्य का निष्पादन करना चाहिए, जिसके लिए वह अधिकृत और प्रशिक्षित है। बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का उपचार करना कानूनन अपराध है। इससे लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ होता है।
जांच के दौरान पाया गया कि क्लीनिक के बाहर न तो कोई बोर्ड लगा था और न ही किसी प्रकार का पंजीकरण संबंधी विवरण प्रदर्शित था। अंदर दवाइयां रखी मिलीं। मौके पर मौजूद मरीजों ने भी स्वीकार किया कि यहां उनका इलाज किया जाता है। उन्होंने क्लीनिक को सील कर दिया और संचालक को नोटिस देकर तीन दिन में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और झोलाछाप के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।