उरई। किशोरी ने घर के कमरे में लगे हुक से गमछे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
जिससे वह अचेत हो गई। दूसरे कमरे में मौजूद बड़ी बहन ने उसे फंदे से लटका देखा तो उसे उतारकर मेडिकल कालेज ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के बंगरा गांव निवासी संतोष कुमार की 17 वर्षीय पुत्री काजल ने बुधवार की सुबह फंदा लगा लिया। जिससे वह अचेत हो गई। परिजन उसे मेडिकल कालेज लाए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस को परिजनों ने बताया कि वह इंटर तक पढ़ाई कर चुकी थी।
पिता संतोष मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बुधवार को बड़ी बहन मौनी दूसरे कमरे में काम कर रही थी, तभी उसने फंदा बनाकर जान दे दी। मौनी ने बताया कि कुछ माह पहले एक युवक उसे अपने साथ ले गया था। जिस पर परिजनों ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। आरोप है कि उक्त युवक का मामा उनके परिजनों से मामले में समझौता करने का दबाव बना रहा था। जिसके चलते वह परेशान रहती थी।
थानाध्यक्ष अखिलेश द्विवेदी का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।