उरई। स्कूल कमी की हत्या में आरोपी बनाए गए 25 हजार के इनामी पूर्व विधायक रामप्रसाद अहिरवार को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। उन्हें यहां से जेल भेज दिया गया। उनके साथी अमित ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए घटना के बाद से ही पूर्व विधायक मुंबई व मध्य प्रदेश में परिचितों के यहां दिन गुजारते रहे। इनाम की घोषणा होने के बाद वह कोंच आए गए और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
कोंच कोतवाली क्षेत्र के घमूरी गांव निवासी जितेंद्र अहिरवार की नौ अगस्त को पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव कार सवार सीएचसी में छोड़कर भाग गए थे। इस मामले में मृतक के बेटे नितिन ने पूर्व कांग्रेसी विधायक रामप्रसाद अहिरवार, उनके बेटे पूर्व बसपा विधायक अजय सिंह पंकज व अजय के दो बेटों अमन व राजा के अलावा अमित के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस अभी तक चार लोगों को जेल भेज चुका है। लेकिन घटना के बाद से ही गिरफ्तारी के डर से पूर्व विधायक अपने परिचितों के यहां मध्य प्रदेश पहुंचे।
उस समय पुलिस को उनकी झांसी में लोकेशन मिली तो वह वहां पहुंच गई। इसके बाद वह मध्य प्रदेश से सीधे मुंबई पहुंच गए और वहीं अपने दिन बिता रहे थे। जैसे ही एसपी ने उन पर 25 हजार का इनाम घोषित किया तो वह कोंच आ गए और सोमवार को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। लोगों का कहना है कि एक गलती ने तीन पीढि़यों को जेल पहुंचा दिया है। गिरफ्तारी के बाद मेडिकल परीक्षण के लिए आए पूर्व विधायक ने परिजनों से कहा कि उन्हें निर्दोष होकर भी जेल जाना पड़ रहा है। वह तो जितेंद्र को बेटे जैसा मानते थे, लेकिन वह कर भी क्या कर सकते हैं। इसके बाद पुलिस उन्हें न्यायालय में ले गई। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।