एट। मकर संक्रांति के दिन सेई नहर में नहाने गए एक फेरी वाले का चार दिन बाद शव मिला है। मृतक के बेटे ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बताया कि पुलिस वालों ने तलाश करने के बजाए कहा कि जब मिल जाएगा तो बता देंगे।
झांसी जिले के एरच थाना क्षेत्र के ग्राम डुड़ी निवासी लखन बहेलिया (45) एट कस्बे के बाहर झुग्गी बनाकर परिवार के साथ रहता था और चूड़ी बेचने का काम करता था। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर वह अपनी पत्नी के साथ विरासनी गांव से लौटते समय बैरागढ़ रोड पर सेई नहर में नहाने चला गया। गहरे पानी में जाने के कारण वह डूब गया।
लोगों ने जब लखन को डूबते देखा तो उन्होंने उसके बेटे अंगद को सूचित किया। अंगद ने बताया कि जब तक वह पहुंचा तब तक पिता डूब चुके थे। जब वह थाने पहुंचा और घटना की जानकारी दी तो थाना प्रभारी ने कहा कि शव मिलने पर सूचित किया जाएगा। अंगद ने बताया कि वह पढ़ा-लिखा नहीं था, तहरीर नहीं दे सका और वापस लौट आया। तीन दिन तक पिता की तलाश करने के बाद रविवार को उनका शव घटनास्थल से मात्र 250 मीटर की दूरी पर नहर में फंसा मिला। अंगद का आरोप है कि अगर पुलिस ने समय रहते खोजबीन की होती तो शायद उसके पिता आज जीवित होते। वहीं, थाना प्रभारी पंकज पांडेय का कहना है कि सूचना मिलने के बाद खोजबीन कराई गई थी। मामले की जांच की जा रही है। वहीं मामला संज्ञान में आने पर पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। एसपी ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।