उरई। न्यायालय ने राहिया गांव निवासी ईश्वर दास की शिकायत पर महिला समेत चार लोगों को तलब करने का आदेश दिया है। वादी ने फर्जी बैनामा कराने और पुलिस पर विवेचना में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के राहिया गांव निवासी ईश्वरदास ने न्यायालय में वाद दायर किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता अज्जुदी का निधन 30 जनवरी 2007 को हो गया था। उनके पिता की राहिया में जमीन है। आरोप है कि 24 जुलाई 1991 को उत्तराखंड के देहरादून रायपुर निवासी सुरेंद्र अग्रवाल और पवन कुमार अग्रवाल ने उनके पिता की सात हजार वर्ग फीट की जमीन का फर्जी बैनामा करा लिया। वादी का कहना है कि कागजों में उनके पिता की फोटो नहीं लगी थी और एससी-एसटी की जमीन का बैनामा सवर्णों ने कराया, जो कि अवैध है।
बताया कि उक्त लोगों ने 31 जुलाई 2020 को पलक नायक और उसकी पत्नी मोहिनी नायक निवासी कुर्मी कॉलोनी के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और जमीन बेच दी। मोहिनी ने दाखिल-खारिज के लिए प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई सबूत पेश नहीं किए। इस पर तहसील ने 9 अक्तूबर 2020 को नामांतरण प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया था। वादी का यह भी आरोप है कि रंजिश के चलते आरोपियों ने उसकी पिटाई भी की थी।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। वादी ने पुलिस पर विवेचना में लापरवाही का आरोप लगाया। इस पर न्यायालय ने पलक नायक, मोहिनी नायक, सुरेंद्र अग्रवाल और पवन अग्रवाल को तलब करने का आदेश दिया है।