कोई भी किसान अपने खेतों में आरी वाले तारों के फेसिंग न कराए। इसके साथ ही पशु पालक भी अपने पशुओं को अन्ना न छोड़ें। यदि कोई किसान अथवा पशुपालक ऐसा करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बात उपजिलाधिकारी व पुलिस क्षेत्राधिकारी ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही। क्षेत्र में अन्ना पशुओं की काफ ी समस्या है। ये खेतों में घुसकर फ सलों को बर्बाद कर देते हैं। किसान रात भर खेतों में रहकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। तो कई किसानों ने जानवरों को खेतों में घुसने से बचाने के लिए अपने खेत के चारों ओर आरी वाले तारों की फेसिंग करा ली है। प्रतिदिन सैकड़ों पशु इन तारों से घायल हो रहे हैं। यदि उन्हें समय रहते सही उपचार न मिला तो उनकी मौत तक हो जाती है। पशुओं की इस दशा को देखते हुए प्रशासन ने इन आरी वाले तारों को खेतों में लगाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कमर कस ली है। इसमें में उपजिलाधिकारी शीतला प्रसाद यादव व पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह ने सर्वप्रथम पत्रकारों के माध्यम से ऐसे किसानों तथा पशुपालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि कोई भी किसान अपने खेतों में आरी वाले तार न लगवाएं। यदि किसी किसान ने पहले से इन तारों को लगवा लिया है तो वह भी अपने खेतों से इन तारों को हटा लें। यदि किसी किसान के खेत में आरी वाले तार लगे हुए पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने पालकों को भी सख्त चेतावनी दी कि वह भी अपने-अपने पशुओं को घर पर ही बांध कर रखें। कोई भी पालक अपने पशुओं को अन्ना न छोड़े। यदि किसी पशुपालक द्वारा अपने पशुओं को अन्ना छोड़े जाने की शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- फोटो : अमर उजाला
कोई भी किसान अपने खेतों में आरी वाले तारों के फेसिंग न कराए। इसके साथ ही पशु पालक भी अपने पशुओं को अन्ना न छोड़ें। यदि कोई किसान अथवा पशुपालक ऐसा करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बात उपजिलाधिकारी व पुलिस क्षेत्राधिकारी ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही। क्षेत्र में अन्ना पशुओं की काफ ी
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समस्या है। ये खेतों में घुसकर फ सलों को बर्बाद कर देते हैं। किसान रात भर खेतों में रहकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। तो कई किसानों ने जानवरों को खेतों में घुसने से बचाने के लिए अपने खेत के चारों ओर आरी वाले तारों की फेसिंग करा ली है। प्रतिदिन सैकड़ों पशु इन तारों से घायल हो रहे हैं। यदि उन्हें समय रहते सही उपचार न मिला तो उनकी मौत तक हो जाती
है। पशुओं की इस दशा को देखते हुए प्रशासन ने इन आरी वाले तारों को खेतों में लगाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कमर कस ली है। इसमें में उपजिलाधिकारी शीतला प्रसाद यादव व पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह ने सर्वप्रथम पत्रकारों के माध्यम से ऐसे किसानों तथा पशुपालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि कोई भी किसान
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अपने खेतों में आरी वाले तार न लगवाएं। यदि किसी किसान ने पहले से इन तारों को लगवा लिया है तो वह भी अपने खेतों से इन तारों को हटा लें। यदि किसी किसान के खेत में आरी
वाले तार लगे हुए पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने पालकों को भी सख्त चेतावनी दी कि वह भी अपने-अपने पशुओं को घर पर ही बांध कर रखें। कोई भी पालक अपने पशुओं को अन्ना न छोड़े। यदि किसी पशुपालक द्वारा अपने पशुओं को अन्ना छोड़े जाने की शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।