उरई। जिला कारागार में बंदी की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में परिजनों ने जेल प्रशासन पर प्रताड़ित व मारपीट के बाद हत्या कर शव को फंदे से लटकाने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि उसके शरीर पर चोटों के निशान हैं। दो दिन पहले ही उनका चचेरा भाई मिलने गया था, तब वह सही था। वह दो दिन में कैसे आत्महत्या कर सकता है। आरोप है कि रुपये न देने पर उसकी पिटाई की गई। इससे उसकी मौत हो गई।
हमीरपुर जनपद के कुरारा थाना क्षेत्र के ग्राम कंडौर निवासी मनोज कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटा था। जुलाई 2024 में कालपी कोतवाली में मनोज के खिलाफ किशोरी को ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म करने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पिता ने तहरीर में बताया था कि युवक उसकी नाबालिग बेटी को ले गया है। छह माह बाद पुलिस ने किशोरी को कर ढूंढ निकाला था। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट तथा एससी-एसटी की धाराएं बढ़ा दी थीं।
15 मार्च 2025 को पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से वह जिला कारागार में निरुद्ध था। मामला न्यायालय में विचाराधीन था। शनिवार दोपहर उसका शव शौचालय में फंदे से लटका मिला था। रविवार को जानकारी पर पहुंचे मनोज के भाई संतोष कुमार ने पंचनामा भरने से इन्कार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उसके भाई को जेल प्रशासन रुपये न देने पर प्रताड़ित कर रहा था। वहां मौजूद अधिकारी व कर्मचारी उसके भाई से रुपये मांगते थे। उसके भाई ने कई बार फोन से व मिलाई के दौरान उसको पूरी बात बताई। बताया कि उसके भाई ने कुछ दिन पहले हमीरपुर जेल में ट्रांसफर करवाने की उससे गुहार लगाई थी। संतोष ने बताया कि वह भाई मनोज से जब भी मिलने जाता था तो वह उसे दो से तीन हजार रुपये दे आता था। वहां के सिपाही भाई के रुपये छीन लेते थे और धमकी देते थे और ज्यादा रुपये मंगवाया करो जिससे कि उसे सामान मिल सके। रुपये न देने पर उसके भाई से गंदगी साफ कराने के साथ प्रताड़ित किया जाता है। इसकी भाई ने कई बात उससे शिकायत की थी। आरोप है कि कुछ दिन तक तो वह रुपये देता रहा लेकिन जब रुपये नहीं दिए तो उसके भाई के साथ मारपीट कर उसकी हत्या कर दी गई और आत्महत्या दिखाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया। आरोप लगाया कि जेल प्रशासन शव गमछे से लटका होना बता रहा है जबकि उन्हें जानकारी मिली है कि शव को रस्सी के फंदे से लटका था। परिजनों का कहना है कि शव पर चोट के निशान हैं, जो गवाही दे रहे हैं कि उसके भाई को पीटा गया था और उसका शव फंदे पर लटका दिया गया। परिजनों ने डीएम से मजिस्ट्रियल जांच कराए जाने की मांग की है।