यदि सब कुछ तय योजनाओं के अनुरूप हुआ तो जल्द ही उरई से कोंच तक लोकल
इलेक्ट्रिक ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा। साथ ही उरई से दिल्ली व
इलाहाबाद तक ट्रेन चलाने के लिए प्रस्ताव भी रेल मंत्रालय को जल्द ही सौंप
दिया जाएगा ताकि अगले रेल बजट में इन ट्रेनों को हरी झंडी मिल सके। यह
बातें रेलवे के इलाहाबाद जोन के महाप्रबंधक ने मंगलवार को उरई स्टेशन के
निरीक्षण के दौरान कही
इलाहाबाद जोन के महाप्रबंधक जीएम अरुण सक्सेना
ने उरई रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे स्वास्थ्य
केंद्र परिसर में पौधरोपण के बाद स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इसके
बाद उन्होंने स्टेशन व यहां पर स्थित कैंटीन का निरीक्षण किया। इसमें जीएम
अरुण सक्सेना ने कहा कि उरई से एट होते हुए कोंच तक लोकल इलेक्ट्रिक ट्रेन
चलाने की योजना है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही इस रूट पर लोकल ट्रेन चलने
लगेगी। इस दौरान रेलवे परिसर की व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलने पर संतोष व्यक्त
किया। बताया कि उरई से दिल्ली व उरई से इलाहाबाद तक ट्रेन चलाने की जरूरत
है। इसलिए वह इस प्रस्ताव को रेल मंत्रालय के सामने रखेंगे और यह ट्रेनें
चालू कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने
बताया कि वह भीमसेन से उरई स्टेशन
तक का निरीक्षण कर चुके हैं। निरीक्षण में उन्हें कहीं कोई खामी नहीं मिली
है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी एके सिंह को चाक-चौबंद इंतजाम करने
पर पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
इसके बाद
जीएम फिर से स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने स्टेशन परिसर व कैंटीन का
निरीक्षण किया। गौरतलब है कि जीएम के दौरे के मद्देनजर रेलवे अधिकारियों ने
पहले से ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कर रखीं थीं। इस मौके पर उनके साथ एसडीजीएम
राजेश तिवारी, सीआरएस प्रभात बाजपेयी, पीसीई सतीश कुमार, सीपीआरओ विजय
कुमार, सीएसई एके मिश्रा, डीआरएम एसके अग्रवाल, सीपीओ ओमप्रकाश आदि मौजूद
रहे।
उरई में बनेंगे दो नए स्टेशन
झांसी से कानपुर तक रेल लाइन
का दोहरीकरण होने के बाद उरई में दो नए स्टेशनों का भी निर्माण होगा।
रेलवे के महाप्रबंधक अरुण सक्सेना ने बताया कि रेल लाइन दोहरीकरण का काम
पूरा होने के बाद उरई के आसपास दो और नए स्टेशनों का निर्माण कराया जाएगा।
इससे ट्रेनों के संचालन में समस्या उत्पन्न नहीं होगी। नए स्टेशन बनाए जाने
के लिए जगह का चिन्हीकरण आदि काम शुरू कर दिया गया है।
स्टेशन की निगरानी करेंगी तीसरी आंख
रेलवे के महाप्रबंधक अरुण सक्सेना ने बताया कि उरई स्टेशन ए श्रेणी के
स्टेशनों में शुमार है। इसलिए यहां पर स्टेशन की निगरानी, यात्रियों की
गतिविधियों को कैद करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया
कि चारों ओर से स्टेशन को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा। इसके लिए
जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा।
सौंपा ज्ञापन
जोनल महाप्रबंधक
को ज्ञापन सौंपने के लिए भी होड़ लगी रही। सबसे पहले उद्योग व्यापार मंडल
ने ज्ञापन दिया। इसमें मांग की है कि एट-कोंच शटल ट्रेन का एक फेरा और
बढ़ाया जाए। रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्य दिलीप सेठ ने
ज्ञापन देकर मांग की है कि उरई से इलाहाबाद व दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन
चलाई जाए। उरई स्टेशन पर प्लेटफार्म एक व
दो पर टीन शेड लगाया जाए। माल
गोदाम की मरम्मत कराई जाए। इस मौके पर अनिल बहुगुणा, अब्दुल हक अंसारी,
सुनील लोहिया कोंच आदि मौजूद रहे। वहीं गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर
आर्गनाइजेशन के जिलाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी ने ज्ञापन देकर मांग
की है कि सभी वरिष्ठ केंद्रीय व राजीय पेंशनर्स के लिए प्रत्येक मेल ट्रेन
में अलग से बोगी लगाई जाए।
झांसी से उरई होते हुए इलाहाबाद तक के लिए
प्रतिदिन एक मेल ट्रेन का संचालन भी किया जाए। सुभाष चंद्र बोस टेंपो
टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष मैराज ने ज्ञापन देकर मांग की है कि स्टेशन परिसर
के अंदर या बाहर टैक्सी वाहन खड़े करने के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए।
यमुना नदी के पुराने पुल का भी किया निरीक्षण
मंगलवार को रेल महाप्रबंधक अरुण सक्सेना ने कालपी के यमुना नदी के पुराने पुल व निर्माणाधीन ब्रज का निरीक्षण किया। झांसी-कानपुर
केे मध्य दोहरी लाइन में 114 करोड़ की लागत से यमुना नदी कालपी केे
निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण करने जीएम विशेष ट्रेन से दोपहर को पहुंचे।
रेल विकास निगम कानपुर के मुख्य वरिष्ठ प्रबंधक राजीव श्रीवास्तव
व
असिस्टेंट प्रबंधक एमएस अग्रवाल ने उन्हें जानकारी दी कि जीपीटी
इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी कोलकाता के द्वारा गत वर्ष 14 फरवरी को पुल का
निर्माण शुरू हुआ था। निर्धारित अवधि 19 फरवरी 17 तक कार्य पूरा कराया जाना
है। पुल के दोनों छोरों समेत सभी 11 कोठियों में 7 का काम 40 प्रतिशत तक
पूरा हो चुका है। इस मानसून के दौरान कार्य प्रभावित हुआ
था। मुख्य
महाप्रबंधक सक्सेना ने जिम्मेदार लोगों को समयावधि के दौरान पुल का निर्माण
पूरा कराने के निर्देश दिए।
अंग्रेजों के शासनकाल में 1888 में
निर्मित पुराने यमुना नदी के पुल के ऊपर उच्चाधिकारियों व तकनीकी
विशेषज्ञों के साथ पहुंचकर मुख्य महाप्रबंधक ने पुल की सफाई, मरम्मतीकरण,
रखरखाव का जायजा लिया। दोनों रेलवे लाइनों के बीच की
नाप कराई। संतोषजनक
कार्य पर अनुरक्षण कार्य में नियुक्त इंजीनियरों इकराम अली, राकेश शर्मा,
राजेंद्र शर्मा को पांच-पांच हजार रुपये देकर पुरस्कृत किया। वहीं, उद्योग
व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुन्ना चौधरी, सुनील पटवा आदि ने जीएम अरुण
सक्सेना को ज्ञापन सौंपकर पुष्पक व कोचीन एक्सप्रेस का रेलवे स्टेशन कालपी
में ठहराव करने की मांग की। इसी तरह प्रताप सिंह, भारत सिंह ने प्रतीक्षालय
बनाने की मांग की।