कालपी। नगर में अवैध नर्सिंग केंद्रों का जाल किस कदर फैला है, इसकी बानगी शनिवार को सामने आई, जब एक अवैध नर्सिंग सेंटर में नवजात की मौत हो गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस नर्सिंग सेंटर का संचालन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में तैनात एक नर्स द्वारा किए जाने की बात सामने आ रही है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है।
नगर में लंबे समय से कई अवैध अस्पताल और नर्सिंग केंद्र संचालित हो रहे हैं। आरोप है कि इनमें से कई केंद्र स्वास्थ्य विभाग के वर्तमान व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के संरक्षण में चल रहे हैं। इन केंद्रों पर बिना पंजीकरण, बिना योग्य चिकित्सक और बिना बुनियादी सुविधाओं के इलाज किया जा रहा है। शनिवार को हुई नवजात की मौत ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश वरदिया ने बताया कि अवैध रूप से संचालित अस्पतालों व नर्सिंग केंद्रों की शीघ्र जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी विभागीय कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।