- पालिका की दूसरी मंजिल पर तीन कक्षों में है जरूरी दस्तावेज व सामान रखने की व्यवस्था
– प्रधानमंत्री कार्यालय से भेजे गए सैकड़ों पत्र कूड़े में फेंके, जगह-जगह शराब की बोतलों मिलीं
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। नगर पालिका में हर स्तर पर अव्यवस्थाएं हावी हैं। हाल यह कि जिम्मेदार बेहद जरूरी दस्तावेज तक सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं। पालिका के स्टोर रूम में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों के ढेर लगे हैं। कई जरूरी दस्तावेज और प्रधानमंत्री कार्यालय से पटरी दुकानदारों को बांटने के लिए भेज गए पत्र भी कचरे में मिले। राष्ट्रीय ध्वज को भी सम्मानजनक तरीके से नहीं रखा गया। वह भी बिखरे मिले। स्टोर रूम में सामान की जगह शराब की खाली बोतलें मिलीं।
नगर पालिका भवन की दूसरी मंजिल पर बने कक्ष में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र रखे जाते हैं। इसके सामने वाले कक्ष में पुराना सामान और अन्य दस्तावेज रखने की व्यवस्था है। एक अन्य कक्ष भी स्टोर रूम के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हाल यह कि तीनों कक्षों में कूड़े के ढेर लगे हैं। कई जरूरी दस्तावेज बारिश के पानी में डूबे हुए हैं। अधिकांश सामान जंग खाकर खराब हो चुका है।
जिन जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों को बनवाने में लोगों का पसीना छूट जाता है वह बड़ी संख्या में कूड़े के ढेर और खाली पानी की टंकियों में भरे पड़े हैं। उसके साथ शराब की बोतलें भी हैं। यह संख्या कोई दो-चार नहीं, बल्कि लगभग 300 प्रमाणपत्र की है। इनमें से कई पर मुहर और अधिकारियों के हस्ताक्षर भी हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रमाणपत्रों का गलत इस्तेमाल हो सकता है, क्योंकि उसमें आवेदकों व गवाहों के चार आधारकार्ड, फोटो, हस्ताक्षर व शपथपत्र आदि अंकित हैं।
अगर यह अनुपयोगी थे तो नियमानुसार नष्ट क्यों नहीं किए गए? इनमें कई आवेदन भी मिले हैं, जिनके बारे में पालिका यह कहकर टाल देती है कि आवेदन खो गए हैं। हकीकत में वह आवेदन कूड़े में पड़े मिले। करीब 100 शराब की बोतलें यहां-वहां बिखरी मिलीं। कहीं कागजों के डिब्बों में रखी हुईं तो कहीं पानी की टंकी में फेंकी हुई।
10 हजार से अधिक झंडों की हुई थी खरीद
नगर पालिका ने स्वतंत्रता दिवस पर 10 हजार से अधिक झंडों की खरीद की थी। इस पर लाखों रुपये खर्च हुए। रैलियां निकाली गईं और जमकर तिरंगे बांटे गए, लेकिन उनका सम्मान करना पालिका भूल गई।
प्रधानमंत्री के 200 पत्र भी बर्बाद
2021 में पीएम-स्वनिधि योजना के तहत पटरी दुकानदारों के लिए सरकार से पत्र आए थे। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश था कि कैसे कोरोना संकट के बाद देश उबरा और पटरी व छोटे व्यापारियों को आगे बढ़ाना है। इन पत्रों का मकसद दुकानदारों का हौसला बढ़ाना और उन्हें सम्मानित करना था। पालिका ने इन पत्रों को गंभीरता से नहीं लिया। करीब 200 पत्र कूड़े के ढेर में फेंक दिए गए। कुछ गड्डियों में रखे मिले तो कुछ फटे और खराब हालत में पड़े थे। वहीं, ईओ को पता ही नहीं है कितनी बड़ी लापरवाही हुई है।
अगर कागज इस तरह पड़े हुए हैं तो बड़ी लापरवाही है। जांच करवाते हैं और संबंधित कर्मचारी से जवाब मांगा जाएगा।
-राम अचल कुरील, ईओ, नगर पालिका
फोटो-17 टंकी में भरे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और आवेदन।संवाद
फोटो-18 कूड़े के ढेर में पड़े प्रमाण पत्र।संवाद
फोटो-19 पालिका में रखी शराब की बोतलें।संवाद
फोटो-20 कूड़े में पड़े प्रधानममंत्री के भेजे गए पत्र।संवाद