उरई। एट थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने पुलिस की प्रताड़ना से फंदा लगाकर जान दे दी थी। इस मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए थे कि पुलिस ने उसे पांच घंटे बैठाए रखा और उसे धमकी दी कि अगर उसने तहरीर नहीं बदली तो झूठे मामले में उसे जेल भेज दिया जाएगा। इससे आहत होकर वह घर गया और उसने जान दे दी थी।
एट थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने 6 जून 2023 को एट थाना पुलिस को तहरीर देते हुए बताया था कि वह बाहर रहकर काम करता है। जबकि उसकी बेटी घर पर रहती है। तभी एक युवक ने उसके घर में घुसकर उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। पीड़ित की बात सुन तत्कालीन थाना प्रभारी नरेंद्र गौतम ने पीड़िता के पिता पर तहरीर बदलवाने का दबाव बनाया था। इससे आहत होकर पीड़ित घर गया और उसने फंदा लगाकर जान दे दी थी।
पूरे मामले को संज्ञान में लेकर तत्कालीन एसपी डॉ. ईरज राजा ने थाना प्रभारी व हल्का इंचार्ज को निलंबित कर दिया था। इसके बाद पूरे मामले की जांच करवाई थी। परिजनों का आरोप था कि पूरे घटनाक्रम के दौरान सीओ थाने में मौजूद थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की थी। इस पर जांच के बाद एसपी ने तत्कालीन कोंच सीओ अवधेश कुमार बाजपेयी को वहां से लाइन भेज दिया था। कुठौंद प्रकरण में भी पीड़िता का कहना है कि सीओ की मौजूदगी में उसकी तहरीर बदलवाई गई। लोगों का कहना है कि अधिकारियों ने एक बार में ही सबक नहीं लिया।