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Jalaun News: नगर पालिका और बिजली विभाग के पौध रोपण के दावे फेल

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उरई। जिले में 2024-25 में हुए पौध रोपण की अंतरविभागीय जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात सामने आई है। डीएम के के निर्देश पर प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा कराई जांच में नगर पालिका, बिजली विभाग, विकास प्राधिकरण सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए गए हजारों पौधों में से अधिकतर या तो सूख चुके हैं। वन विभाग ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर नए पौधे लगाने के निर्देश दिए हैं।
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जिले में पौध रोषण के लिए सभी विभागों को लक्ष्य दिया गया था। विभागों को पौधों को लगवाना था। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने सिर्फ खाना पूर्ति कर मामले को निपटा दिया। जानकारी पर डीएम राजेश कुमार ने डीएफओ को क्राॅस जांच के आदेश दिए थे। इस पर जांच रिपोर्ट के अनुसार, नगर पालिका को आठ हजार और बिजली विभाग को 14 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन जब पड़ताल की गई तो नगर पालिका के पार्कों में कहीं भी पौधे नजर नहीं आए। तमाम जगहों पर सिर्फ बंजर जमीन पड़ी मिली। इन दो विभागों के साथ अन्य विभागों की यही स्थिति है। इस खुलासे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन हजारों पौधों के लिए आवंटित सरकारी बजट का क्या हुआ है।


सीन 1
फोटो - 12 हाथी पार्क से गायब पौधे। संवाद
हाथी पार्क में नहीं मिला एक भी पौधा
शहर के हाथी पार्क में नगर पालिका द्वारा 450 पौधे लगाने का दावा किया गया था, लेकिन जब मौके पर जांच की गई तो एक भी पौधा नहीं मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि एक साल पहले जो पौधे लगाए गए थे, उनकी कोई देखरेख नहीं हुई। इसके कारण वह सभी सूख गए। वर्तमान में पार्क में सिर्फ बंजर जमीन बची है।
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सीन 2
फोटो - 13 मोक्षधाम के पास पार्क में बंजर पड़ी जगह। संवाद
मरघट के सामने पार्क में पौधों की जगह अवैध कब्जा
मरघट के सामने बने पार्क में 350 से अधिक पौधे लगाने की बात कही गई थी। लेकिन जांच में यहां भी एक भी पौधा नहीं मिला। स्थिति और भी गंभीर है, क्योंकि जिन स्थानों पर पौधे लगाए गए थे, वहां अवैध कब्जे कर लिए गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां मोरंग और गिट्टी डालकर भूमि पर कब्जा कर लिया गया। जिससे पौधों का नामोनिशान तक मिट गया।





वर्जन
सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि जहां पेड़ सूख गए हैं, वहां दोबारा पौधारोपण किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित विभागों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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- प्रदीप कुमार, डीएफओ
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