जिले के दौरे पर आए कृषि मंत्रालय में निदेशक (हर्टीकल्चर) अतुल पटनी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में अधिकारियों और किसानों के साथ बैठक कर दैवी आपदा से आई समस्याओं के बारे में जाना। इस दौरान कृषि उप निदेशक ने जिले की रिपोर्ट प्रस्तुत कर बताया कि यहां पर औसत से कम वर्षा हुई है।
400 राजकीय नलकूप पुराने हैं, जिससे उनकी भूमिगत नालियां जीर्णशीर्ण हो गई। बैठक में मौजूद किसानों ने नहर विभाग पर लापरवाही का आरोप मढ़ा। सबकी बात सुनने के बाद निदेशक अतुल पटनी ने कहा कि फसल के हिसाब से पानी का नियोजन किया जाए और फिर नहरों का संचालन हो।
बैठक के बाद उन्होंने एट और कदौरा क्षेत्र का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा लिया और कहा कि यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। हालांकि उन्होंने इस बात को स्वीकारा कि यहां पर बारिश कम हुई है। निदेशक (हर्टीकल्चर) ने किसानों की समस्याओं को सुना।
नहर विभाग के अधिकारियों से कहा कि नहरों का संचालन ठीक ढंग से किया जाना चाहिए। यहां पर 70 फीसदी सिंचाई नहर पर आश्रित है। नहर का संचालन फसल के हिसाब से नियोजन करके किया जाए। नहरों की कटान होने पर तत्काल उसकी मरम्मत कराई जाए।
यही नहीं कोई नहरों का कटान करता है और पानी को रोकता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में एडीएम आनंद कुमार, एएसपी शकील अहमद, परियोजना निदेशक चित्रसेन सिंह, कृषि उप निदेशक अनिल कुमार पाठक, एसडीएम डॉ. एवी सिंह, गोरेलाल शुक्ला, एसपी अग्रवाल, संजय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।