सितंबर में युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में परिजनों ने पुलिस हत्यारोपियों से मिलीभगत कर उनकी गिरफ्तारी नहीं करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने दो दिन पहले डीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
इससे आहत पूरा परिवार मंगलवार को कलेक्ट्रेट आया और एडीएम आनंद कुमार को ज्ञापन सौंपने के बाद परिसर में ही धरने पर बैठ गया। परिजन मांग कर रहे थे कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और आरोपी थानाध्यक्ष को हटाया जाए।
कदौरा थाना व कस्बा निवासी नफीसा खातून पत्नी कामरेड युनुस उर्फ कल्लू ने एडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसका पुत्र इमरान कसबे में ही कमानी मैकेनिक की दुकान खोले था। 6 सितंबर की देर रात उसके पास फोन आया कि पंडौरा गांव के पास एक ट्रक खराब हो गया है।
इमरान अपने साथी रहीस के साथ ट्रक ठीक करने के लिए गया। ट्रक ठीक करने के बाद दोनों बाइक से घर आ रहे थे। रास्ते में चतेला निवासी हदीश खां, लईक खां ने अपने एक अज्ञात साथी के साथ मिलकर इमरान को गोली मार दी।
साथियों ने उसे सीएचसी में भर्ती कराया जहां से उसे मेडिकल कालेज झांसी रेफर कर दिया गया। वहां ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों के साथ मिलकर उसके ही पुत्र के ऊपर लूट का फर्जी मुकदमा लगा दिया। पुलिस ने उसकी रिपोर्ट तो दर्जकर ली लेकिन अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया।
आरोपी मुकदमा वापसी के लिए लगातार जान की धमकी दे रहे है। थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा पर आरोप लगाते हुए परिजनों ने उनहें हटाने की मांग कर कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना प्रर्दशन शुरू कर दिया है।
नफीसा ने कहा कि अगर उसके पुत्र के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी व आरोपी थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो वह आत्मदाह करने को विवश होगी।