आटा। बेतवा नदी में डूबी छात्रा का शव बीस घंटे बाद पानी में उतराता मिला। वह पिता व भाई-बहन के साथ नदी में नहाने गई थी। पिता ने लोगों की मदद से बड़ी बहन को तो बचा लिया, पर छात्रा का पता नहीं लग पाया था।
आटा थाना क्षेत्र के ददरी गांव निवासी इंद्रकुमार बेटी अंजलि (09), ममता (13), खुशबू व बेटे आयुष के साथ गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे गांव से एक किलोमीटर दूर स्थित बेतवा नदी नहाने के लिए गए थे। सब लोग नदी किनारे नहा रहे थे, तभी अंजली और ममता नदी के गहराई वाले स्थान पर चली गईं। अंजली डूबी तो बड़ी बहन ममता को पकड़ लिया। जिससे ममता भी पानी में डूब गई।
पानी में तेज बहाव होने के चलते दोनों बहनें डूबने लगी, पिता ने जब उन्हें पानी में डूबता देखा तो शोर मचाया। इस पर आसपास मौजूद लोगों ने ममता को 50 मीटर दूरी पर पकड़कर बाहर निकाल लिया। लेकिन अंजलि का गहराई में चले जाने से कोई पता नहीं चला। सूचना पर पहुंची आटा पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों से उसकी तलाश कराई। लेकिन कोई पता नहीं चल सका।
शाम को इटावा से आई एसडीआरएफ टीम ने देर रात तक तलाश की। लेकिन अंजलि का पता नहीं चला था। शुक्रवार सुबह पांच बजे उसका शव नदी के किनारे उतराता मिला। उसका शव देख मां गुड्डी रानी और परिजनों की चीख निकल गई। पिता इंद्रकुमार ने बताया कि वह गांव में ही प्राइमरी स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा थी। वह कितना अभागा है कि आखों के सामने ही बेटी की मौत हो गई। सीओ एके सिंह का कहना है कि छात्रा का शव नदी से बरामद हो गया है।