बाइक से पड़ोसी गांव से गेहूं पिसाकर वापस अपने गांव आ रहे युवक को कुठौंद व रामपुरा की बीहड़ सीमा में अज्ञात दस्यु गिरोह ने अगवा कर लिया। गिरोह ने घर पर फोन करवाकर फिरौती की भी मांग की है। जब फिरौती का फोन घर पहुंचा तो घर मेें कोहराम मच गया। युवक के अपहरण की सूचना पर कई थानों की पुलिस ने बीहड़ में सर्च आपरेशन चलाया।
लेकिन नतीजा शून्य निकला। पुलिस युवक की तलाश कर रही है। रामपुरा क्षेत्र के गांव लिड़ऊपुर निवासी लालू भदौरिया (22) वर्ष पुत्र सुरेंद्र भदौरिया मंगलवार की शाम करीब 7 बजे पड़ोसी गांव कुठौंद क्षेत्र के गांव बिलौहा आटा पिसाने बाइक से गया था। ग्रामीणों के अनुसार रात करीब 8 बजे वह गेहूं पिसाने के बाद अपने घर के लिए चल दिया। रास्ते में बिलौहा व
लिड़ऊपुर केे बीच बीहड़ में युवक को अज्ञात दस्यु गिरोह ने अगवा कर लिया। परिजनों के अनुसार इस दौरान लालू ने अपने को खतरे में फंसा होने का फोन भी किया। यह जानकारी
होने पर घर में कोहराम मच गया। रामपुरा थानाध्यक्ष प्रभुनाथ, गोहन थानाध्यक्ष जाकिर हुसैन, कुठौंद थानाध्यक्ष बलवीर सिंह बीहड़ पहुंचे और बीहड़ में सर्च अभियान चलाया, लेकिन युवक या गिरोह का कहीं पता नहीं चल सका।
इतने जल्दी कैसे मिला फोन
युवक के अगवा होते ही उसे इतना मौका कैसे मिल गया कि उसने परिजनों को सूचना दे दी। दूसरी बात यह कि गिरोह अगर अपहरण करता तो उसकी बाइक क्यों ले जाता, ऐसे कई बिंदु हैं जिस पर पुलिस जांच कर रही है।
कहीं मुनेश का हाथ तो नहीं
लालू भदौरिया का अपहरण किस गिरोह ने किया यह तो पुलिस के लिए अभी पहेली बना हुआ है लेकिन पुख्ता सूत्रों की मानें तो बीहड़ में इन दिनों झांसी जेल से फरार रामपुरा के निनावली निवासी मुनेश यादव व गंगाप्रसाद ने बीहड़ का रास्ता अख्तियार कर लिया है। सूत्रों की मानें तो इनके गिरोह में आधा दर्जन सशस्त्र डकैत हैं। इन दिनों पूरा गिरोह आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। ऐसे में गिरोह के पास अपहरण करने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं है।