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Jalaun News: शहर में अस्थायी पुल बहा, जगह-जगह जलभराव

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उरई। लगातार 12 घंटे से हो रही बारिश ने शहर की रफ्तार रोक दी है। सोमवार सुबह से शुरू हुई बारिश ने स्कूली बच्चों से लेकर कामकाजी लोगों को घरों में कैद कर दिया। नाले-रपटे उफान पर आ गए। अस्थायी पुल बह गए। कई स्थानों पर सुरक्षा के लिहाज से पुलों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
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सोमवार सुबह करीब पांच बजे बूंदाबांदी शुरू हुई जो छह बजे तक तेज बारिश में बदल गई। बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहा। शाम पांच बजे तक एक पल को भी नहीं थमा। पानी का स्तर तेजी से बढ़ता गया। कई लोगों को जरूरी काम भी बारिश में भीगते हुए करने पड़े। बच्चे स्कूल नहीं जा पाए। भारी बारिश में 50 मीटर भी चलना मुश्किल हो गया था।
सबसे पहले मोहल्लों की गलियों में पानी भरना शुरू हुआ। फिर नालियां उफान पर आ गईं। सुबह नौ बजे से नालों और रपटों के ऊपर से पानी चलने लगा। उमरारखेरा की नई बस्ती और कबूतरा डेरा के पास नाले का पानी सड़कों पर आ गया। स्थानीय लोगों ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन तीन से चार फीट ऊंचाई तक पानी भरे होने के कारण कोई बाहर नहीं निकल सका।
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सुहाग महल के पास प्रशासन ने रविवार को अस्थायी पुल तैयार किया था। इस पुल के लिए कुछ दिन पहले स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने काफी संघर्ष किया था। जैसे ही पुल रातों-रात बनकर तैयार हुआ। सुबह होते ही बारिश के चलते वह बह गया।


शांति नगर में बाढ़ जैसे हालात
शहर का शांति नगर का पुल सुबह से ही बारिश के कारण उफान पर है। यह दो दिन पहले ही सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया था। प्रशासन ने यहां बांस-बल्लियां लगाकर रास्ता बंद कर रखा है। बावजूद इसके पानी का स्तर इतना बढ़ा कि पुल के आसपास बने घरों में पानी घुस गया है। आधे से ज्यादा मकान जलमग्न हो गए, गलियों में निकलना नामुमकिन हो गया है।



झांसी रोड पर बने पुल पर स्थिति बहुत खराब है। एक मंजिल घरों के अंदर पानी घुस चुका है। कई परिवारों ने पहली मंजिल खाली कर दिया है। मानेंवद्र सिंह राना, आशीष, सरोज, रामनाथ, भगवान स्वरुप, धनीराम, बादशाह, नरेंद्र, कालीचरण, कमलेश, ब्रजमोहन का कहना है कि यह स्थिति हर साल बनती है। नाला छोटा है और पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। अगर रात में बारिश और तेज होती है तो लोगों को घर खाली करने पड़ सकते हैं। आठ से 10 घर पहले ही खाली किए जा चुके हैं। इसी तरह शांति नगर में नाले के उफान पर होने की वजह से लगभग 50 घरों में पानी भर गया है। इनमें से 10 घर पूरी तरह डूब गए हैं, जबकि अन्य घरों में भी पानी अंदर तक पहुंच गया है। आवागमन पूरी तरह ठप है।




डढ़वा और तिलक नगर की गलियों में भरा पानी
डढ़वा और तिलक नगर के आसपास की गलियों में चार फीट तक पानी भर गया। करीब चार गलियां पूरी तरह जलमग्न हैं। लोगों का आना-जाना बंद हो गया है। पुल के आसपास की कई दुकानों में पानी भर गया। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां बाढ़ से करीब 100 घर हर साल प्रभावित होते हैं। इनमें से अभी 30 घरों के अंदर पानी भर चुका है। लोग अपना सामान ऊंचाई पर शिफ्ट कर रहे हैं। यदि बारिश नहीं रुकी तो स्थिति और भयावह हो सकती है।


घटिया के नीचे का रपटा डूबा, बैल बाजार का मैदान भी पानी में डूबा
रामकुंड पार्क के पीछे स्थित घटिया का रपटा पूरी तरह डूब गया। यहां पानी चार से पांच फीट की ऊंचाई तक बहता रहा। पालिका के एमआरएफ सेंटर के अंदर तक पानी पहुंच गया। इस रपटा पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। बैल बाजार का मैदान और उससे सटा शौचालय जलमग्न हो गया है। पास में बना पुल भी डूब गया। इसके ऊपर से भी आवाजाही बंद कर दी गई है। रपटा के आसपास के करीब 20 घरों में पानी घुसा नजर आया। पानी के बढ़ते स्तर को देखने के लिए लोग इकट्ठा होते रहे, जिन्हें पुलिस लगातार हटाने का प्रयास करती रही।


गलियां हुईं जलमग्न, कई घरों में घुसा पानी
इंदिरा नगर, तुफैलपुरवा, सुशील नगर, नया पटेल नगर, इंदिरा स्टेडियम के सामने, राठ रोड, अजनारी रोड, राजेंद्र नगर, मैकेनिक नगर सहित कई मोहल्लों की गलियां जलमग्न हो गईं हैं। कई घरों के अंदर पानी घुस गया। मुख्य बाजार में भी स्थिति खराब है, दुकानों में पानी भर गया, जिससे व्यापारी दिनभर परेशान रहे।
बारिश से गिरा वृद्धा का कच्चा मकान



उरई। ग्राम इकौना में बारिश के चलते विधवा रामश्री का कच्चा मकान रविवार रात भरभरा कर गिर गया। गनीमत यह रही कि महिला ने मवेशी और अन्य जरूरी सामान समय रहते बाहर निकाल लिए थे। ग्राम पंचायत बबीना की विधवा गायत्री देवी का कच्चा मकान चारों ओर से बारिश के पानी से घिर गया है। इससे निकलने और चलने तक का रास्ता नहीं बचा है। गायत्री देवी का कहना है कि वह बीते 10 वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन कर रही हैं, लेकिन आज तक उन्हें एक भी किस्त या मंजूरी नहीं मिली।



इस संबंध में बबीना पंचायत सचिव सुरेश निषाद ने कहा कि बारिश से क्षतिग्रस्त घरों की जानकारी लेखपाल को दी जाएगी। वहीं, इकौना के प्रधान प्रतिनिधि छोटू तिवारी ने भी बताया कि गिरते मकानों की सूचना राजस्व विभाग को भेजी जा रही है। (संवाद)
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