उरई। भीषण गर्मी ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है। दिन में जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, वहीं रात का पारा भी 30 डिग्री तक बने रहने से लोगों को राहत नहीं मिल रही। गर्म हवाओं और उमस भरी रातों के चलते लोग बीमार पड़ने लगे हैं और इसका सीधा असर अस्पतालों में दिख रहा है।
जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इन दिनों उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज केवल उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, जिनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। चिकित्सकों का कहना है कि तेज धूप, लू और दूषित खानपान के कारण लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के चलते चक्कर आना, उल्टी-दस्त और कमजोरी की समस्या बढ़ रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर के समय बाहर निकलना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बाजारों में सन्नाटा, दोपहर में सड़कें सूनी
भीषण गर्मी का असर बाजारों पर भी साफ दिख रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से निकल रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि गर्मी के कारण कारोबार पर भी असर पड़ा है। आमतौर पर रात में तापमान गिरने से लोगों को राहत मिलती है, लेकिन इस बार रात का पारा भी 30 डिग्री के आसपास बना हुआ है। गर्म हवाओं और उमस के कारण लोग पूरी रात बेचैनी महसूस कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।
डॉक्टरों की सलाह (एडवाइजरी) वरिष्ठ परामर्शदाता ड़ॉ. अवनीश बनौधा ने बताया।
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें।
अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थ लें।
बाहर जाते समय सिर को ढककर रखें।
बासी या खुला खाना न खाएं।
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।