उरई। आठ साल पहले घर में घुसकर किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर किशोर न्याय बोर्ड की न्यायाधीश ने तीन साल के लिए किशोर को बाल सुधार गृह गाजीपुर भेजने का आदेश दिया।
जालौन कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पिता ने वर्ष 2017 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि मोहल्ले के ही एक किशोर ने उसकी नाबालिग बेटी को प्रेमजाल में फांस लिया और घर पर आने-जाने लगा। दोनों के नाबालिग होने से घर के लोग शक नहीं करते थे। एक दिन घर पर बेटी अकेली थी तभी किशोर घर आ गया और बेटी से दुष्कर्म किया। किशोरी के चिल्लाने पर किशोर भाग गया। किशोरी ने घटना की जानकारी परिजनों को दी थी।
पुलिस ने किशोर के खिलाफ घर में घुसकर किशोरी से दुष्कर्म के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर किशोर न्याय बोर्ड की न्यायाधीश अनुकृति संत ने किशोर को बाल सुधार गृह गाजीपुर भेजने का आदेश दिया।(संवाद)