उरई। चार साल पहले किशोरी का अपहरण करने के दोषी को कोर्ट ने सोमवार को सात साल की कैद सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वहीं एक आरोपी को कोर्ट ने बरी कर दिया है।
कोंच कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पिता ने 14 सितंबर 2019 को कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि 11 सितंबर 2019 को उसकी नाबालिग पुत्री घर पर अकेली थी। इसी दौरान मोहल्ला गोखले नगर के रहने वाले कृष्णवीर राठौर, सलमान मंसूरी उसको साथ ले गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ किशोरी का अपहरण सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस ने थाना क्षेत्र से दोनों लोगों के पास से किशोरी को बरामद कर लिया था। पीड़िता को परिजनों को सुपुर्द कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ 28 नवंबर 2019 को कोर्ट के आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
कोर्ट में चले ट्रायल के दौरान वादी सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज हुए। सोमवार को सुनवाई पूरी हुई। इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद कमर ने कृष्णवीर राठौर को किशोरी का अपहरण सहित अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए 20 साल की सजा सुनाई। सलमान मंसूरी के खिलाफ कोई सबूत न मिलने पर उसको दोष मुक्त कर दिया।