उरई। किशोर न्याय बोर्ड ने वर्ष 2021 के एक चर्चित मामले में किशोर (अपचारी) को चोरी के आरोप से दोषमुक्त कर दिया, जबकि चोरी का सामान अपने पास रखने के मामले में दोषी माना है। बोर्ड ने किशोर को पहले से बिताई गई निरुद्ध अवधि को ही सजा माना है। इसके साथ अर्थदंड भी लगाया है।
थाना डकोर पुलिस ने किशोर के विरुद्ध चोरी का माल बेईमानी से अपने पास रखने के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों तथा प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण किया गया।
किशोर न्याय बोर्ड ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष री का आरोप संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा। पर्याप्त एवं ठोस साक्ष्य न होने के कारण किशोर को चोरी के आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया। हालांकि न्यायालय ने पाया कि उसके कब्जे से बरामद सामान चोरी का था और उसे इस संबंध में जानकारी थी, इसलिए उसे दोषी करार दिया गया।
फैसले में यह भी उल्लेख किया गया है कि अपचारी 7 सितंबर 2021 से 3 नवंबर 2021 तक राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर), ललितपुर में निरुद्ध रहा था। बोर्ड ने उक्त अवधि को ही उसकी सजा मानते हुए उसी अवधि से दंडित किया है। इसके अलावा न्यायालय ने किशोर के संरक्षक के माध्यम से 2 हजार रुपये का अर्थदंड जमा कराने का आदेश दिया है। आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।