उरई। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण न होने से खफा शिक्षकों ने बुधवार को बीएसए कार्यालय से कलक्ट्रेट तक रैली निकाली। कलक्ट्रेट में धरना देने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह भाटिया की अगुवाई में शिक्षक सुबह बीएसए कार्यालय परिसर में जमा हुए। यहां से रैली निकालकर नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। धरना सभा में जिलाध्यक्ष ने कहा कि परिषदीय स्कूलों में प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक के हजारों पद रिक्त हैं। ये पर पदोन्नति से भरे जाने हैं लेकिन सरकार पदोन्नति नहीं करा रही है। प्रदेश में हजारों सहायक अध्यापक स्थानापन्न वेतन के बगैर प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में काम कर रहे हैं। इसके अलावा कई अन्य मांगें लंबे समय से लंबित हैं। दिनेश नामदेव ने कहा कि प्रदेश में एक जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियां बेसिक शिक्षकों पर भी लागू की जा चुकी है किंतु एक जनवरी व उसके बाद सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन निर्धारण के लिए शासनादेश जारी नहीं हुआ है। इससे उन शिक्षिकों को नुकसान हो रहा है। धरने के दौरान शिक्षकों ने प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित 16 सूत्री मांगों का ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट नत्थू प्रसाद पांडे को सौंपा। धरना प्रदर्शन में संजय दुबे, नरेश निरंजन, अनुराग मिश्रा, जगत निरंजन, युद्धवीर कंथरिया, राजेश शुक्ला, शैलेंद्र, नृपेंद्र सिंह, कौशलेंद्र प्रताप सेंगर, लालजी पाठक, राघवेंद्र निंरजन और योगेंद्र सिंह जादौन आदि शिक्षक मौजूद रहे।
पेंशन के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों ने दिया ज्ञापन
उरई। मार्च 2017 में सेवानिवृत्त परिषदीय शिक्षकों को पांच माह बाद भी पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे परेशान सेवानिवृत्त शिक्षकों ने बुधवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट नत्थू प्रसाद पांडेय को सौंपा। सेवानिवृत्त शिक्षकों का कहना था कि पांच माह बीत गए हैं लेकिन बीएसए और लेखाधिकारी ने अभी तक पेंशन स्वीकृत नहीं की है। अधिकारी सातवें वेतन आयोग के मुताबिक पेंशन निर्धारण को शासनादेश न आने की बात कहकर टाल रहे हैं। सेवानिवृत्त शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से पेंशन संबंधी आदेश जारी करने की अपील की है। ज्ञापन देने वालों में मानसिंह निरंजन, यज्ञवल्लभ स्वर्णकार, प्रहलाद, ध्रुव नारायण, राम प्रकाश पाण्डेय, कृष्ण कुमार, ओम प्रकाश पाटकर और अवध विहारी आदि मौजूद रहे।