उरई। डीवी कॉलेज के छात्र-छात्राओं व शिक्षकों ने मई-जून की भयंकर गर्मी के दौरान पाठ्यक्रम पूर्ण कराए बिना मानकविहीन परीक्षा कराने पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
स्नातक तथा स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों व शिक्षकों ने बताया कि विश्वविद्यालय की हो रही परीक्षाएं पूर्णता बहुविकल्पीय है, प्रश्नपत्रों में न कोई सेट संख्या है और न कोई प्रश्न पुस्तिका क्रमांक दर्ज है जोकि परीक्षा नियमों का उल्लंघन है।
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (बूटा) के संयुक्त मंत्री डॉ. नमोनारायण, मुख्य अनुशासन अधिकारी डॉ. गौरव यादव, प्रो. विजय यादव, प्रो. अलका रानी पुरवार, प्रो. आरके पहारिया, डॉ. माधुरी रावत, डॉ. राजन भाटिया, डॉ. विजय चौधरी, डॉ. जितेंद्र प्रताप, डॉ. कृपाशंकर यादव, डॉ. सुरेंद्र मोहन यादव, डॉ. नीरज द्विवेदी, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. शीलू सेंगर, डॉ. नफ़ीसुल हसन, डॉ. ज्ञानेंद्र मोहन, डॉ. पंकज सिंह, डॉ. श्रीप्रकाश पांडेय, डॉ. विजयवर्धन, डॉ. श्वेता यादव, डॉ. शगुफ्ता मिर्जा आदि ने कहा कि विश्वविद्यालय के कैलेंडर के अनुसार 1 जून से 30 जून तक परीक्षा न कराने व ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करने का कई बार मांग पत्र दिया है।
इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन मनमानी पर आमादा है। इस भीषण गर्मी और हीट वेब में आए दिन छात्र -छात्राओं की तबीयत बिगड़ती है। ड्यूटी करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं भी लो बीपी और हृदय में दर्द की शिकायत करते हैं। विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर गर्मी के लिहाज से ठंडे पानी, पंखे आदि मूलभूत संसाधनों की भारी कमी है। इन सबके चलते किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घट सकती है।