उरई। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन मंगलवार को जिला महिला अस्पताल में किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को खानपान में विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी गई। इस मौके पर अस्पताल परिसर को झालर और गुब्बारों से सजाया गया। स्टाल लगाकर गर्भवती को सुरक्षित मातृत्व की पुस्तिका दी गई । इस दौरान 54 गर्भवती की स्वास्थ्य की जांच की गई। साथ ही गर्भावस्था के दौरान उन्हें सावधानियां भी बताई गईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जिला महिला अस्पताल की वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ सुनीता बनौधा ने कहा कि महिलाओं को खानपान का विशेष ध्यान रखना है। जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर हरा साग, छिलके वाले अनाज, दालें, सूखे मेवे, मूंगफली के दाने, गुड़-चना आदि का सेवन करना चाहिए। लौहतत्व, कैल्शियम, विटामिन, प्रोटीन, बसा तत्वों वाले पदार्थों का सेवन करें। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ संध्या गुप्ता ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान आयरन फोलिक एसिड की सौ गोलियां दी जाती है। गर्भावस्था के चौथे महीने से आईएफए की एक गोली रोज लेनी है।
अगर किसी में खून की कमी है तो दो उसे रोजाना दो गोलियां लेनी है। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान तीसरे, पांचवें, सातवें और नौवें महीने में जांच की जाती है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के डीपीसी अभिषेक मिश्रा व कार्यक्रम सहायक रामकेश कुशवाहा ने बताया कि अब प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत ऑनलाइन पंजीकरण कराए जा सकते हैं। जानकारी दी कि पहली बार गर्भवती होने वाली महिला को तीन किस्तों में पांच हजार रुपये दिए जाते हैं।
इस दौरान डॉ एसके पाल, लेडीज हेल्थ विजिटर (एलएचवी) आशा गोयल, सहायक नर्सिंग अधीक्षक ह्दय नारायण राजपूत, देवपाल सिंह, लल्ला बेटी, ऊषा, प्रियंका, वंदना, वीरु, हरिश्चंद्उर, महेंद्र तिवारी आदि ने भी सहयोग किया। सभी गर्भवती को गुड़, चना, फल भी वितरित किए गए। इसके अलावा ब्लाक स्तरीय सीएचसी, पीएचसी और नगरीय पीएचसी समेत 19 स्थानों पर गर्भवती की जांच की गई।