बड़े ही शान-ए शौकात केेे साथ हुआ। इससे पहले शहर के गणेशगंज स्थित बाबा के आस्ताने पर पूरे शहर के अकीदतमंदों द्वारा चादरपोशी की रस्म अदा की गई। वहीं, महफिल ए कव्वाली के शानदार मुकाबले में कव्वालों ने समां बांध दिया। प्रोग्राम का आगाज हाफिज आशू बरकाीती ने तिलावते रब्बानी से किया। मशहूर कव्वाल आरिफ नाजा (मुंबई) ने हुजूर
मुहम्मद सल.अलैह बसल्लम के नवासे की शान में कलाम पढ़ा- जान देकर शहे कर्बला में दीन इस्लाम जिंदा किया। शमा नाज उर्फ किरन ठाकुर जौनपुर ने कलाम पेश किया, हमसे न टकराए कोई चीन हो चाहे जापान, अमरीका हो चाहे रुस हो चाहे हो या पाकिस्तान। इस मौके पर मुख्य अतिथि विधायक दयाशंकर वर्मा, विशिष्ट अतिथि इकबाल मंसूरी, दीपू त्रिपाठी,
इरशाद सेठ, वसीम लंबरदार, शनी शाह मौदहा, पूर्व चेयरमैन जुनैद पहलवान मौजूद रहे। उर्स कमेटी के अध्यक्ष इरशाद अहमद ने आए हुए अतिथियों का साफा बांधकर इस्तकबाल किया। रफीक चाचू, माजिद खान, चुख्खर कमाल खान का उर्स कमेटी के कोेषाध्यक्ष जब्बार अंसारी ने फूल मालाओं से इस्तकबाल किया। संरक्षक हाजी उस्मानअंसारी ने उर्स कमेटी
के पदाधिकारियों की हौसला अफजाई की। इस मौके पर तारिक खान, अनीस अंसारी, नाजिम खान, नौशे ठेकेदार, बबुआ मंसूरी, शरीफ अंसारी, भूरे खान, सलीम भइया ने व्यवस्था संभाली। इस मौके पर हाजी सत्तार शाह, नसीम बाबा, जाविद सिद्दीकी ने कव्वालों का साफा बांधकर उनका हौंसला अफजाई की। संचालन जमाल मकनिया पप्पू थापा ने किया।