शहर में तेज धूप से बचने के लिए मुंह पर दुपट्टा लपेटे युवतियां।
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इस बार गर्मी का मौसम लोगों के लिए बहुत ही मुश्किलों भरा साबित होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन महीनों में गर्मी के कई दशकों पुराने रिकार्ड टूट सकते हैं। इसका असर अप्रैल के पहले सप्ताह में ही देखने को मिलने लगा है। मंगलवार को धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया और अधिकतम तापमान 37 डिग्री से ऊपर रहा। मई-जून जैसी गर्मी का एहसास
किया गया। आने वाले दिनों में गर्मी और भी रौद्र रूप धारण करेगी। इस बार अधिक गर्मी पड़ने का कारण कम बारिश व सर्दी कम पड़ना रहेगा। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि पिछले वर्ष बारिश बहुत ही कम हुई है। सर्दी भी बहुत कम रही। इसके चलते जमीन में नमी नहीं है। यही कारण है कि अप्रैल में ही पारा 40 डिग्री पार कर चुका है। आने वाले दिनों में यह 48 डिग्री तक पहुंच
सकता है। जब अप्रैल में यह हाल है तो मई, जून में क्या होगा? इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। मंगलवार को भी मौसम का यही हाल रहा। सुबह आठ बजे से ही मौसम में गरमाहट आ गई। इसके बाद जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया, वैसे-वैसे गर्मी भी जोर पकड़ती गई। इसका नतीजा यह हुआ कि अधिकांश लोग दोपहर के वक्त घरों में ही दुबके रहे और गर्मी से निजात
पाने के इंतजाम तलाशते रहे। मौसम विशेषज्ञ पुरुषोत्तम दास ने बताया कि अगले सप्ताह में पारा 45 डिग्री पार कर सकता है। गर्मी के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा तो जगह-जगह जूस के ठेलों पर लोग प्यास बुझाते नजर आए। इस मौसम में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। डाक्टर लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।