रामपुरा (जालौन)। बाबा मणींद्र महाराज के आश्रम में बृहस्पतिवार को शिष्य की हत्या के मामले में बाबा की सुरक्षा में तैनात दरोगा राजेंद्र तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दरोगा को साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
बृहस्पतिवार को रामपुरा थाना क्षेत्र के निनावली गांव के पास स्थित बाबा मणींद्र महाराज के आश्रम में उनके शिष्य रविशंकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के विरोध में रविशंकर के परिजनों ने ग्रामीणों के साथ जमकर हंगामा किया था। बाबा पर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग पर वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई थी। पुलिस ने मणींद्र महाराज के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर शुक्रवार को जेल भेज दिया था।
शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि जिस रिवाल्वर से गोली चली थी, वह बाबा की सुरक्षा में तैनात दरोगा राजेंद्र तिवारी का था। शनिवार शाम पुलिस ने दरोगा राजेंद्र तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। एसपी डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद दरोगा को साजिश रचने के आरोप में नामजद कर जेल भेजा गया है। विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को रामपुरा थाना पुलिस दोबारा बाबा के आश्रम पहुंची और कुछ सेवादारों के भी बयान लिए। बाबा के परिजनों का कहना है कि मणींद्र महाराज को साजिश का शिकार बनाया गया है। उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है और जल्द इंसाफ मिलने की उम्मीद है। इस बीच पुलिस ने हत्या के बाद हंगामा और तोड़फोड़ करने वालों पर भी सख्ती शुरू कर दी है। इस मामले में आठ नामजद और 60 अज्ञात के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस ने बवाल करने वाले सभी चेहरे चिह्नित कर लिए हैं।
बाबा यह कारागार है, यहां कोई सरकार नहीं चलती
उरई/रामपुरा (जालौन)। जेल सूत्रों के मुताबिक थाना पुलिस के बाद जिला कारागार में भी बाबा का रसूख धरा का धरा रह गया। शुक्रवार की देर शाम जब बाबा कारागार के गेट पर पहुंचे तो वहां उनसे नाम पूछे जाने पर उन्होंने बताया निनावली सरकार, इस पर जेल के सिपाही ने कहा कि बाबा यह कारागार है, यहां कोई सरकार नहीं चलती, तब बाबा ने अपना पूरा नाम विजय शंकर उर्फ मणींद्र मराहाज बताया। एक नंबर बैरक में शुक्रवार की पूरी रात बाबा ने करवटें लेकर काटी, हालांकि जेल प्रशासन की ओर से बाबा को ठंड से बचाने के लिए नियमानुसार बिस्तर और कंबल भी उपलब्ध कराए गए हैं। शनिवार को भी बाबा ने अन्य बंदियों की तरह लाइन में लगकर ही जेल का खाना लिया।