जालौन। मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ पढ़ाई संबंधी जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए करें। अपनी फेसबुक इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया एकाउंट की आईडी पर प्रोफाइल को प्राइवेसी मोड पर रखना चाहिए। जिससे कोई भी हैकर एफबी आईडी को हैक न कर सके। यह बात आनंदी बाई हर्षे बालिका इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित पुलिस की पाठशाला में सीओ शैलेंद्र बाजपेई ने उपस्थित छात्राओं से कही।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार को नगर के आनंदी बाई हर्षे बालिका इंटर कॉलेज में पुलिस की पाठशाला का आयोजन हुआ। सीओ शैलेंद्र बाजपेई ने उपस्थित छात्राओं को 1090 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, यूपी112, पॉक्सो एक्ट, अच्छे-बुरे स्पर्श के बारे में जानकारी दी। कहा कि समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का दायित्व है। जिस तरह सैनिक देश की सीमा की रक्षा करते हैं, उसी तरह पुलिस पर देश की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी है।
कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी है कि समाज में किसी प्रकार का अपराध न हो सके। कोतवाल अजीत सिंह ने साइबर क्राइम से बचाव के बारे में जानकारी दी। महिला पुलिस चौकी प्रभारी मधु देवी ने महिला सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी और विपरीत परिस्थितियों में घिर जाने पर बचाव के टिप्स देकर कहा कि कोई समस्या होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करे।
कार्यक्रम में सीओ शैलेंद्र बाजपेई, कोतवाल अजीत सिंह ने यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के जारी परीक्षा परिणामों में 10 मेधावी छात्राओं को शील्ड व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। अंत में प्रधानाचार्या सुनीता शर्मा ने सभी अधिकारियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर रजनी वर्मा, नीरजा अवस्थी, कंचन द्विवदी, श्वेता गुप्ता, ज्योति सोनी, लक्ष्मी श्रीवास, ओम विश्नोई, वीरेंद्र, विनय द्विवेदी, धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
छात्राओं के सवाल, सीओ के जवाब
1- कक्षा 11 की छात्रा अनुप्रिया लिटौरिया ने पूछा कि अगर किसी सुनसान इलाके में सहायता की जरूरत पड़े तो क्या करें।
सीओ ने कहा कि जगह-जगह पुलिस पेट्रोलिंग करती रहती है। किसी तरह आप पुलिस तक पहुंचें। उन्हें अपनी समस्या बताएं। समस्या का समाधान किया जाएगा। ऐसा न होने पर 112 पर तत्काल कॉल करें। पुलिस लोकेशन ट्रेस कर तत्काल मौके पर पहुंच जाएगी।
2- कक्षा बारहवीं की छात्रा खुशी प्रजापति ने पूछा कि 1090 पर शिकायत करने पर पुलिस सहायता कितने समय में प्राप्त हो जाती है और क्या कॉलर की पहचान गुप्त रखी जाती है।
सीओ ने कहा कि कॉल प्राप्त होते ही पुलिस तत्काल कार्रवाई शुरू करती है। कॉलर की जानकारी सिर्फ पुलिस के पास होती है। इसको सार्वजनिक नहीं किया जाता है।