ईपीएफ की मांग को लेकर बिजली विभाग के संविदाकर्मी छठवें दिन भी धरने पर डटे रहे। गुरुवार को जिले के कई क्षेत्रों से संविदाकर्मी हड़ताल में शामिल होने आए। इससे अब संविदाकर्मियों के आंदोलन ने भी तेजी पकड़नी शुरू कर दी है। जिले के बिजली संविदाकर्मियों को वर्ष 2010 से ईपीएफ नहीं मिला है।
इसे लेकर बीते चार दिनों से संविदाकर्मी हड़ताल पर हैं और ईपीएफ की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को बिजली विभाग के अधिकारी संविदाकर्मियों का नेतृत्व करने वाले कर्मचारी राजेश याज्ञिक के राजेेंद्र नगर स्थित मकान पर पहुंच गए और और बिजली चेकिंग की थी।
इसके बाद सहायक अभियंता बाबूलाल ने संविदाकर्मी के पिता पर बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए उरई कोतवाली में एफआईआर दर्ज करा दी थी। इस कार्रवाई से संविदाकर्मी भड़क गए । जिले के कई क्षेत्रों के संविदाकर्मी इस हड़ताल में शामिल हुए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जातीं, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इस मौके पर संविदाकर्मी रमेश, नीलकंठ राजे, मानसिंह, रामप्रकाश, सनाउल्ला खां, कैलाश वर्मा, रविकांत विश्वकर्मा, भगवानदास, चूरामणि, राजा भइया आदि मौजूद रहे।
मालूम हो कि आंदोलन के दौरान संविदाकर्मी राजेश याज्ञिक पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। इससे पूर्व जब संविदाकर्मी हड़ताल पर गए थे। तब भी बिजली विभाग के अधिकारियों ने राजेश याज्ञिक के घर बिजली चेकिंग की थी। अब फिर से संविदाकर्मियों के हड़ताल पर जाने के बाद उसके घर पर बिजली चेकिंग की गई और उसके खिलाफ बिजली चोरी की एफआईआर भी दर्ज करा दी गई।