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फार्मासिस्ट हड़ताल पर बैठे

Tue, 20 Sep 2016 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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सीएमओ दफ्तर पर आयोजित धरना मेें मौजूद पदाधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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प्रमुख 11 सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार से डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले फार्मासिस्ट अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए। सीएमओ दफ्तर में हड़ताल के पहले दिन फार्मासिस्टों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मांग उठाई कि प्रमुख मांगों का समाधान कराया जाए। जब तक शासन मांगों को पूरा नहीं करेगा, तब तक आंदोलन
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जारी रहेगा। फार्मासिस्टों की हड़ताल से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। अस्पताल में डाक्टर तो बैठे, लेकिन फार्मासिस्टों के न बैठने से न तो दवाएं मिलीं और न ही जांचें हो सकीं। इस दौरान कर्मचारी शिक्षक मोर्चा, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ, सिंचाई संघ और ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने भी समर्थन दिया। मंगलवार को हड़ताल के पहले दिन

फार्मासिस्टों ने जमकर शासन, प्रशासन पर कटाक्ष किया। सीएमओ दफ्तर परिसर में आयोजित धरने में डा.रामसिंह यादव व संरक्षक रामसिंह यादव ने कहा कि फार्मासिस्ट अपनी मांगों को लेकर आंदोलित हैं। उनके अधिकारों को लेकर शासन गंभीर नहीं हैं। अब मांगों का निस्तारण होने तक हड़ताल जारी रहेगी। जिला सलाहकार एमए सिद्दीकी ने कहा कि शासन,
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प्रशासन की उदासीनता हरगिज बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपाध्यक्ष ब्रजेंद्र प्रताप  ने संयुक्त रूप से कहा कि छठवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर कर सातवें वेतन आयोग का लाभ

दिलाया जाए। इस दौरान भूपेंद्र सचान, टीपी गौतम, कमलेश कुमार, ओमनारायन, एमडी राजपूत, रविंद्र पांचाल, एसके द्विवेदी, महादेव सिंह, अमित सिंह, प्रमोद कुमार, नरेंद्र कुमार, एनके सिंह, जसराज सिंह, कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन रामजी दांतरे ने किया।

मरीजों को झेलनी पड़ी असुविधा
फार्मासिस्टों की हड़ताल के चलते मंगलवार को प्रभावित स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से मरीजों को खासी असुविधा झेलनी पड़ी। चिकित्सकों को दिखाने के बाद काउंटर से मरीजों को दवा नहीं मिली। ऐसी स्थिति में मरीजों मेडिकल स्टोरों से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ी। प्रभावित स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से मेर्िडकल स्टोरों पर उमड़ी भीड़ को देखकर संचालक भीगदगद नजर आए। कुल मिलाकर मेडिकल स्टोर संचालकों की चांदी रही।
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