उरई। प्रवासी कामगारों को भोजन देने को लेकर स्टेशन प्रबंधक और आरपीएफ स्टाफ में ठन गई। स्टेशन प्रबंधक का आरोप है कि मनाही के बावजूद आरपीएफ के दो सिपाही यात्रियों को खाना दे रहे थे। जब इसका विरोध किया तो उनके साथ अभद्रता की। उधर, आरपीएफ झांसी के कमांडेट उमाकांत तिवारी का कहना है कि उन्होंने इंस्पेक्टर से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि स्टेशन पर कुछ संगठन प्रवासी कामगारों को लिए भोजन लेकर आते थे। स्टेशन प्रबंधन का कहना है कि जिस संगठन को भी भोजन बांटना है, वह प्लेटफार्म के बाहर भोजन वितरित करें। शनिवार को आंध्र प्रदेश से दो श्रमिक स्पेशल ट्रेनें आईं थीं। एक ट्रेन प्लेटफार्म नंबर तीन पर खड़ी थी। प्लेटफार्म नंबर एक पर आरपीएफ के दो सिपाही भोजन वितरण कर रहे थे। प्लेटफार्म नंबर तीन पर खड़ी ट्रेन के कुछ मुसाफिर प्लेटफार्म नंबर एक पर भोजन लेने के लिए रेलवे ट्रैक पार कर आ रहे थे।
इस पर स्टेशन प्रबंधक एपी वर्मा ने आपत्ति जताकर कहा कि प्लेटफार्म नंबर एक पर भी एक ट्रेन आ रही है। ऐसे में हादसा हो सकता है। आरोप है कि इस पर आरपीएफ के दो सिपाही भड़क गए और उनके साथ अभद्रता कर दी। स्टेशन प्रबंधक ने इसकी सूचना झांसी के मंडलीय अधिकारियों और स्टेशन मास्टर यूनियन के पदाधिकारियों को दी। वहीं आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय का कहना है खाना बांटना कोई गलत काम नहीं था। मामले की जांच हो रही है, हकीकत सामने आ जाएगी।