स्कूली बस में कैमरे चेक करती एआरटीओ सोम लता यादव
- फोटो : ORAI
उरई। स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच के लिए जीआईसी में शिविर लगाया गया। करीब साठ वाहनों की जांच में अधिकांश स्कूली वाहन गाइडलाइन के मुताबिक नहीं मिले। आरआई टेक्निकल संजीत सिंह ने बताया कि साठ वाहनों की जांच की गई है। अधिकांश में मानक पूरे नहीं मिले है। उनकी जांच रिपोर्ट पर एआरटीओ सोमलता यादव ने वाहन मालिकों को नोटिस भेजने के निर्देश दिए हैं।
यातायात माह और सड़क सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को जीआईसी के मैदान में स्कूली वाहनों की जांच की गई। जांच में किसी वाहन में स्पीड लिमिट डिवाइस (एसएलडी) के कनेक्शन नहीं थे, चलाने पर उनकी स्पीड लिमिट भी निर्धारित 40 किलोमीटर की बजाय साठ किलोमीटर निकली। सीसीटीवी कैमरा और जीपीएस सिस्टम भी वाहनों में दुरुस्त नहीं मिले। अग्निशमन यंत्र भी वाहनों में ठीक नहीं मिले। कई वाहनों में तो विंडो साइड के शीशे ही टूटे थे। कई वाहनों के तो परमिट भी समाप्त होने वाले थे।
यात्री कर अधिकारी (पीटीओ) अमित कुमार और आरआई टेक्निकल संजीत सिंह ने वाहनों की फिटनेस और गाइड लाइन के मुताबिक जांच की तो अधिकांश स्कूली वाहनों में मानक नहीं मिले। इस बीच एआरटीओ सोमलता यादव ने जीआईसी पहुंचकर जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन वाहनों का परमिट नवीनीकरण अगले कुछ महीनों में होना है, वे जल्द अपने वाहनों में गाइड लाइन के मुताबिक सामान लगा लें, अन्यथा उनके वाहनों का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। सड़क पर कोई भी वाहन बिना फिटनेस जांच के नहीं चलने दिया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। इसमें किसी तरह का समझौता नहीं होगा।
वाहन चालकों ने मांगी मोहलत
वाहन चालकों ने बताया कि यहां जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर आदि नहीं मिल रहे है, कानपुर से लाने पड़ेंगे, कुछ दिन की मोहलत दी जाए। इस पर एआरटीओ ने निर्देश दिया कि गाइड लाइन के मुताबिक, सभी वाहनों में जरूरी चीजें लगा दी जाएं। इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
स्कूल वाहन चालकों से जानकारी लेती एआरटीओ सोमलता यादव- फोटो : ORAI