उरई। उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि इस पुनरीक्षण में ऐसे निर्वाचकों की विशेष पहचान की जा रही है जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो स्थायी रूप से अन्यत्र चले गए हैं, या जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गणना प्रपत्र की अवधि में किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी।
ईआरओ और एईआरओ द्वारा प्राप्त सभी प्रपत्रों के आधार पर ड्राफ्ट रोल तैयार किया जाएगा। जिन मतदाताओं का नाम मिलान या लिंक नहीं हो सकेगा, उन्हें नोटिस जारी कर सुनवाई की जाएगी। पात्रता सिद्ध होने पर नाम शामिल किए जाएंगे, जबकि अपात्र पाए जाने पर नाम रोके जाएंगे। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई भी अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।
ईआरओ के निर्णय के विरुद्ध प्रथम अपील जिला मजिस्ट्रेट तथा द्वितीय अपील मुख्य निर्वाचन अधिकारी स्तर पर सुनी जाएगी। ड्राफ्ट रोल से हटाए गए मृतक, अनुपस्थित, स्थानांतरित या डुप्लीकेट निर्वाचकों की सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट और शासकीय कार्यालयों में प्रदर्शित की जाएगी।
वृद्ध, दिव्यांग और अशक्त मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, निर्धन तथा अन्य अशक्त मतदाताओं को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।
मतदेय स्थलों पर होंगे अधिकतम 1200 मतदाता
उन्होंने कहा कि किसी भी मतदेय स्थल पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी इन स्थलों के निर्धारण के लिए राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक ही परिवार के सभी सदस्य एक ही मतदान केंद्र पर दर्ज हों।