उरई। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन पर मंगलवार को सपा कार्यकर्ता मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में रक्तदान करने पहुंचे, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने रक्तदान कराने से इन्कार कर दिया। सपाइयों नेे ब्लड बैंक के बाहर प्राचार्य के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि जरूरतमंद रक्त के लिए भटक रहे हैं और प्राचार्य रक्त लेने से इन्कार कर रहे हैं।
सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर और पूर्व विधायक कप्तान सिंह राजपूत ने बताया कि बड़ी संख्या में सपाई रक्तदान करने के लिए मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक हॉल में पहुंचे थे। उन्होंने प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी से फोन पर रक्तदान कराने की बात कही तो प्राचार्य ने इसके लिए मना कर दिया। नेताओं ने बताया कि प्राचार्य का कहना था कि ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में रक्त है। उन्हें और रक्त की आवश्यकता नहीं है।
रक्तदान न होने पर सपाइयों ने नारेबाजी की। इसी बीच में एक तीमारदार ने भी कहा कि उनका रिश्तेदार तीन दिन से मेडिकल कॉलेज में भर्ती है, और उन्हें 3000 रुपये का ब्लड खरीदना पड़ा। तीमारदार की बात सुनकर जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक कप्तान सिंह राजपूत ने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है की मेडिकल कॉलेज प्रशासन और प्राचार्य ने जानबूझकर भेदभावपूर्ण मानसिकता के तहत सपा कार्यकर्ताओं का रक्त नहीं लिया। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सपा कार्यकर्ताओं से एक दिन पहले अनुरोध पूर्वक कहा गया था कि जिला प्रशासन को सूचित करें और अनुमति लें। उनके ऐसा नहीं करने पर रक्तदान करने से रोका गया।
- अरविंद त्रिवेदी, प्राचार्य
कार्यक्रम को लेकर दो दिन पहले ही प्राचार्य को जानकारी दे दी गई थी। जिला प्रशासन को भी इसकी जानकारी थी, लेकिन इसके बाद भी रक्तदान करने से यह कहकर रोका गया कि मेडिकल कॉलेज को रक्त की जरूरत नहीं है। हकीकत यह है कि मेडिकल में रक्त के लिए मरीज परेशान हो रहे हैं। इसको लेकर हम बड़ा आंदोलन करेंगे।
- दीपराज गुर्जर, जिलाध्यक्ष, सपा