उरई। भाजपा कार्यकर्ता एवं पुलिस कर्मियों में हुई मारपीट का मामला जैसे ही लोगों की संज्ञान में आया तो चर्चा का विषय बन गया। लोग सोशल मीडिया पर भाजपा व पुलिस प्रशासन पर उंगली उठाते दिखे। लोगों का कहना है कि कार्यालय परिसर में इस तरीके का व्यवहार नहीं होना चाहिए था।
शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता चुर्खी थानाध्यक्ष कमलेश कुमार की शिकायत करने एसपी कार्यालय पहुंचे थे। शिकायत के बाद कार्यकर्ता बाहर निकले और पुलिस के सामने अपशब्दों का प्रयोग कर दिया। जिससे मामला बढ़ गया और हाथापाई होने लगी।
हंगामे की सूचना मिलते ही जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष कार्यालय पहुंचे और एसपी से बात की। जिलाध्यक्ष ने एसपी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों पर कार्यकर्ताओं को पीटने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत करेंगी। उधर, भाजपाइयों व पुलिस के बीच सुलह के प्रयास होने की चर्चा भी है। खबर लिखे जाने तक मामले में समझौते के प्रयास चल रहे थे।
इस बीच लोगों का कहना है कि इस तरीके का व्यवहार जिले की छवि को धूमल करता है कार्यालय में इस तरीके का व्यवहार नहीं होना चाहिए था। जिस कार्यालय में पूरे जिले की शांति व्यवस्था को रखने की जिम्मेदारी थी वही कार्यालय जंग का अखाड़ा बन गया। वहीं, एसपी ईरज राजा का कहना है कि दोनों पक्षों से तहरीर नहीं मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
डीएम से मिले भाजपाई, कार्रवाई की मांग
उरई। भाजपा कार्यकर्ता डीएम से मिले, इसके बाद डीएम ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। लेकिन भाजपा कार्यकर्ता कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान कुछ जनप्रतिनिधि पूरे प्रकरण से बचते हुए भी नजर आए।