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सपा की हार का ठीकरा चार के सिर, पार्टी से बाहर

Tue, 30 Aug 2016 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जालौन
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : demo pic
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जालौन जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद अब पार्टी नेतृत्व की ओर से बागियों और भितरघातियों को पार्टी से निकालने का सिलसिला शुरू हो गया है। मंगलवार को पार्टी नेतृत्व द्वारा जिले के चार वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेताओं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य व सपा युवजन सभा के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र मौखरी, पूर्व जिला उपाध्यक्ष व पूर्व माधौगढ़ ब्लाक प्रमुख सुदामा दीक्षित, पूर्व कृषि मंत्री चौधरी शंकर सिंह के बेटे व पूर्व जिलाध्यक्ष विष्णुपाल सिंह नन्हू राजा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर पार्टी प्रत्याशी की हार के तुरंत बाद तिलमिलाए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव प्रभारी रहे गरौठा विधायक दीप नारायाण यादव को तलब किया। इस दौरान दीपनारायण यादव ने उन्हें इन चार लोगों द्वारा पंचायत चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने की शिकायत की। इस क्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे शिशुपाल पर क्रास वोटिंग का आरोप लगा।

वहीं, सुरेंद्र मौखरी, सुदामा दीक्षित व विष्णुपाल सिंह पर इनकी पत्नियों से क्रास वोटिंग कराने का आरोप लगाया गया। इस पर कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। गौरतलब है कि इस बाबत 30 तारीख के अमर उजाला के अंक में पहले ही इस बात के भी संकेत दिए गए थे कि मुख्यमंत्री कोई बड़ी कार्रवाई कर सकते हैं।
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क्रास वोटिंग में हुई कार्रवाई- जिलाध्यक्ष
खबर की पुष्टि करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी चार बागियोें और पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने वाले लोगोें को बाहर कर दिया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के पास सभी चार पार्टी कार्यकर्ताओं के संबंध में निगेटिव रिपोर्ट पहुंची। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से उन्हें तलब किया और इंटर्नल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की।

विष्णुपाल सिंह का विधानसभा टिकट भी कटा
पार्टी द्वारा निकाले गए सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विष्णुपाल सिंह का पिछले दिनों कालपी विधानसभा से टिकट भी फाइनल हो गया था और अब वे चुनाव प्रचार भी कर रहे थे। पर इसी बीच जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के चलते निकाल दिया गया। इसके साथ ही उनका टिकट भी कट गया है। अब पार्टी नेतृत्व कालपी विधानसभा सीट से किसी नए प्रत्याशी की तलाश में भी जुट गई है।

सटीक रही राजनीति
दरअसल, जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में इन चार लोगों को पार्टी के पक्ष में वोट करने की जिम्मेदारी गरौठा विधायक दीपनारायण यादव को सौंपी गई थी। बाकी सदस्यों को मनाने की जिम्मेदारी पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी की थी।

इस दौरान घनश्याम अनुरागी ने दस सदस्यों के साथ आने का दावा किया। दीपनारायण बाकी सदस्यों को मनाने के लिए कई दिनों तक देर रात तक बैठकें करते रहें। हर तरह से समझाया। पर चुनाव परिणाम में सपा को केवल दस वोट ही मिले।

वहीं, पार्टी के इंटर्नल रिपोर्ट में बाकी सभी सदस्यों के क्रास वोटिंग करने और करवाने की बात सामने आई। ऐसे में पार्टी चुनाव प्रभारी दीपनारायण यादव ने भी मुख्यमंत्री को इन चार लोगों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने की संस्तुति कर दी।

भितरघात से उबरेगी पार्टी
पार्टी जिलाध्यक्ष इंद्रजीत यादव ने बताया कि पार्टी के इस निर्णय के बाद जिले में पार्टी को मजबूत किया जाएगा। नए सिरे से संगठित किया जाएगा। वहीं राजनीतिक प्रेक्षकों की माने तो पार्टी में गुटबाजी पर इससे लगाम भी लगेगा। पार्टी आलाकमान के कड़े निर्णय के बाद अब यह भी तय है कि अन्य बागी तेवर वाले नेता भी अब अनुशासन में आ जाएंगे।
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