एसपी ने पूर्व सपा सांसद सहित जिले के 29 माननीयों के गनर वापस ले लिए हैं। ये गनर शासनादेशाें के मानक के अनुरूप नहीं लगे थे। जिनसे गनर वापस लिए गए हैं उनमें अधिकांश सपा नेता हैं। एसपी ने बताया कि जिन राजनेताआें को गनर चाहिए, वे आवेदन कर गनर ले सकते हैं। सरकारी गनर लेकर हनक जमाने वालाें की मंशा पर एसपी बबलू
कुमार ने पानी फेर दिया है। उन्होंने बुधवार को जिले भर में ऐसे 29 माननीयाें के गनर वापस ले लिए हैं जो मानक के अनुरूप नहीं थे। इनमें पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी, सपा जिलाध्यक्ष धीरेंद्र यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल यादव, समाजसेवी विकास श्रीवास्तव आदि शामिल हैं। गनर वापसी के बाद जहां जनता ने एसपी के आदेश पर खुशी जताई
है तो वहीं माननीय दुखी नजर आ रहे हैं। बताते चलें कि जिले में असलहाधारियाें को साथ रखने का रिवाज सा हो गया था। हर नेता के साथ असलहाधारियाें की फौज उनका रसूख बताती थी। इस पर एसपी ने पिछले दिनाें धारा 144 का उल्लंघन करने वाले शस्त्रधारकाें के खिलाफ कार्रवाई की थी और उनके लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट भी मंगाई
थी। इससे असलहों के प्रदर्शन पर काफी हद तक रोक लगी थी। मंगलवार को एसपी ने प्रतिसार निरीक्षक से रिपोर्ट मांगी के ऐसे कितने लोग है जो गनर लिए हैं। इनमें पूर्व सांसद से लेकर सपा के कई फ्रंटल संगठनाें के जिलाध्यक्ष, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भी गनर लिए थे। वहीं एक युवा समाजसेवी भी गनर लिए थे। इन सभी माननीयाें के गनर एसपी ने वापस ले
लिए है। जब इसकी जानकारी आम जनमानस को हुई तो उन्हाेंने खुशी जताते हुए कहा कि अब आम और खास की खाई पट गई है। असलहाें के प्रदर्शन पर रोक से समाज में बेहतर संदेश गया है। वहीं एसपी बबलू कुमार ने बताया कि वह शासनादेश के तहत गनर देंगे और जिनको भी सुरक्षा के खतरा है तो वह आवेदन कर गनर ले सकते है, इसके लिए जो भी शासनादेश है वह उनका पालन करेगें।
केवल विधायक व सांसद को ही मिलेगा गनर
एसपी बबलू कुमार द्वारा गनर वापसी के बाद जिले में अब विधायक उमाकांति, संतराम कुशवाहा व सदर विधायक दयाशंकर, एमएलसी संतराम निरंजन, रमा निरंजन व सांसद भानूप्रताप वर्मा की सुरक्षा में सरकारी गनर रहेंगे। वहीं डकोर ब्लाक प्रमुख तेजप्रताप व सपा महासचिव प्रलुव्य निरंजन की अवधि अभी समाप्त नहीं हुई है, इसलिए उनको अभी समयावधि तक गनर मिलेंगे।