प्रदेश में तीन नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट विभाग की स्थापना की जानी है। इसके लिए शासन ने तीन मेडिकल कालेज कानपुर, कन्नौज और जालौन (उरई) का चयन किया। शुक्रवार को राजकीय मेडिकल कालेज जालौन में विभाग की स्थापना के लिए केंद्र की टीम ने निरीक्षण किया। इसमें मेडिकल कालेज में केंद्र की स्थापना के लिए भवन, इंफ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सक
पैरा मेडिकल के अलावा कालेज में संचालित ओपीडी, वार्डों, आपरेशन थिएटर व आकस्मिक विभाग की प्रयोगशाला का जायजा लिया। यहां मेडिकल कालेज में नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट विभाग की स्थापना से पूरे बुंदेलखंड के लोगों को लाभ मिलेगा। इसके लिए शुक्रवार को केंद्रीय टीम में शामिल डा. विजय चौधरी रीजनल डायरेक्टर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
मंत्रालय भारत सरकार, डा. संजीव शर्मा विशेषज्ञ समन्वयक राम मनोहर लोहिया संस्थान नई दिल्ली एवं डा. मुकेश बाजपेयी मुख्य कार्यकारी अधिकारी भारत सरकार ने मेडिकल
कालेज के प्राचार्य डा. सुरेश चंद्र के साथ मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया। प्राचार्य ने उन्हें मेडिकल कालेज में दी जा रही शासन की सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा मेडिकल कालेज मेें संचालित ओपीडी, ओपीडी वार्डों, आपरेशन थिएटर व आकस्मिक विभाग की प्रयोगशाला के अलावा अन्य सुविधाओं की जानकारी भी दी।
स्थापना के बाद अगले साल से शिक्षण-प्रशिक्षण
मेडिकल कालेज में नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट विभाग की स्थापना होने के बाद प्रशासकीय समन्वयक की देखरेख में वर्ष 2017 से शिक्षण प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इसमें दुर्घटना, आकस्मिक एवं आपदा पर मानव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के लिए स्थानीय एवं राजकीय स्तर पर विशेषज्ञों द्वारा चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ व पैरामेडिकल स्टाफ को शिक्षण-
प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये प्रदेश के विभिन्न जनपदों में विशेषज्ञ सुविधाएं प्रदान करेंगे। शिक्षण प्रशिक्षण के लिए इमरजेंसी, आपरेशन थियेटरों एवं वार्डों को अति आधुनिक सुविधायुक्त
बनाया जाएगा। इसमेें जालौन एवं प्रदेश के अन्य जनपदों के मरीजों को आकस्मिकता, दुर्घटना एवं गंभीर मरीजों को तुरंत उन्नत सुविधायुक्त केंद्र पर इलाज प्रदान किया जाएगा। केंद्र की स्थापना के लिए भारत सरकार मानव संसाधन वित्तीय व्यवस्था कराएगा।
भारत सरकार उपलब्ध कराएगी विशेषज्ञ
केंद्र के लिए दुर्घटना, आकस्मिक एवं आपदा ग्रस्त मरीजों के प्रबंधन में दक्ष चिकित्सकों व विशेषज्ञों की उपलब्धता भी भारत सरकार कराएगी। विभाग की स्थापना होते ही जनता को उत्कृष्ट श्रेणी से संबधित इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इसका प्रबंधन व नियंत्रण प्रमुख सचिव व महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा उ.प्र. व स्थानीय व्यवस्था एवं प्रबंधन कालेज के प्राचार्य
का होगा। इस दौरान सीएमएस डा. मेजर रणवीर सिंह, डा. मनोज वर्मा, डा. शैलेष वर्मा, डा. सुनित, डा. शैलेंद्र प्रताप सिंह, डा. संजीव गुप्ता, डा. जितेंद्र मिश्रो, डा. शोभा चतुर्वेदी व डा. सुशील कुमार आदि उपस्थित रहे।