कोच (जालौन)। जमीन में हिस्सा न मिलने से आक्रोशित गोद लिए बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता की ईंट से कूंचकर हत्या कर दी। घटना की सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी बेटे ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने दरवाजा तोड़कर आरोपी बेटे को दबोचा। बेटे की पत्नी ने ही अपने पति के खिलाफ ससुर की हत्या करने की तहरीर दी है। सीओ शीशराम ने बताया कि मृतक ने अपनी जमीन बेटे के बजाए उसके दस साल के बेटे के नाम कर दी थी, इसी खुन्नस में आरोपी ने हत्या को अंजाम दिया है। फिलहाल उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
ग्राम चमरसेना निवासी नबीबख्श (87) पुत्र मदारबख्श उर्फ लल्लू के कोई संतान नहीं थी। लिहाजा उसने करीब 25 साल पहले लौना छानी थाना जालौन निवासी अपने साले टुंडे के बेटे सफी को गोद लिया था। उस वक्त सफी की उम्र करीब 9 साल की थी। नबी ने उसकी परवरिश सगे बेटे की तरह की और उसकी शादी भी कराई। सफी के चार संतानें हुई जिनमें तीन बेटियां हमीन (17), आसमीन (13), कुरैशा (14) तथा एक बेटा आरिफ (10) हैं।
चार साल पहले नबीबख्श ने अपनी चौदह बीघे जमीन की वसीयत सफी के एकलौते बेटे आरिफ के नाम कर दी थी तभी से सफी नबीबख्श से चिढ़ा हुआ था। आए दिन पिता से लड़ाई झगड़ा किया करता था। वह चाहता था कि जमीन उसके नाम हो। बुधवार की सुबह भी जब नबीबक्श ने अपने इलाज के लिए रुपयों का जिक्र किया तो सफी से उनका विवाद शुरू हो गया। सफी फिर से जमीन अपने नाम कराने की जिद करने लगा। बात ज्यादा बढ़ी तो सफी ने अपनी पत्नी और बच्चों को एक कमरे में बंद किया और पिता नबीबक्श के गले में गमछा कर कर उसे गिरा गिराकर पीटने लगा। नजदीक में पड़ी ईंट से पिता के सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। जिससे लहूलुहान नबी की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार के लोगों की चीख पुकार सुनकर पड़ोसियों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। फोर्स जैसे ही सफी के घर के बाहर पहुंचा उसने भीतर से ही पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस पर पुलिस पड़ोस के मकान से सफी के घर में घुसने का प्रयास करने लगी। यह देख सफी ने स्वयं को भी एक कमरे में बंद कर लिया। पुलिस और पड़ोसियों ने किसी तरह कमरे का दरवाजा तोड़कर आरोपी को दबोचा। इसके बाद एएसपी भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बात की। एएसपी ने बताया कि फिलहाल सफी की पत्नी अख्तरी की तहरीर पर नबीबक्श की हत्या का मामला दर्ज किया जा रहा है।
बंद कमरे की खिड़की से चीखते रहे मासूम
जिस वक्त सफी ने अपनी पत्नी और बच्चों को कमरे में बंद कर पिता को पीटना शुरू किया तो बच्चे खिड़की अब्बू, बाबू को मत मारो, वह मर जाएंगे। उन्हें छोड़ दो, चिल्लाते रहे लेकिन सफी पर शैतान सवार था। उसने अपने ही मासूम बच्चों की चीख पुकार भी नहीं सुनी और पिता को हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया।
नबीबक्श के लाड़ प्यार से ही बिगड़ा था सफी
परिजनों के मुताबिक नबीबक्श के प्यार के चक्कर में ही सफी काफी बिगड़ चुका था और वह घर की खेती पर भी कोई ध्यान नहीं देता था। उसकी संगत भी गलत हो गई थी। जिस कारण पिता पुत्र में दूरियां बढ़ती चली गई। जब बेटा आरिफ हुआ तभी नबी ने ठान ली थी कि यदि सफी नहीं सुधरा तो सब कुछ पौत्र के नाम कर देगा।
सहमे रहे बच्चे, पुलिस से भी न बोले
घटना के बाद बच्चों का बर्ताव समझ से परे था। पुलिस को देख कर बच्चे सहमे थे और कुछ भी बताने को राजी नहीं थे। यहां तक कि अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अवधेश सिंह ने भी बच्चें से बात करने की काफी कोशिश की लेकिन बच्चों ने उनकी किसी भी बात का जवाब नहीं दिया और खुद को कमरे में बंद कर लिया।