प्रधानी चुनाव के परिणाम आने के बाद अब पुलिस के लिए गांवों में चुनावी
रंजिश में होने वाली मारपीट रोकना चुनौती है। इसके लिए एसपी एन कोलांचि ने
सभी थाना व कोतवाली प्रभारियों को गांव के प्रधान व बीडीसी व चौकीदारों की
बैठक कर उनके नंबर आदि लेकर गांवों में शांति व्यवस्था बनाने के निर्देश
दिए।
इसी क्रम में शनिवार को जिले के सभी थाना व कोतवाली प्रभारियों ने
अपने-अपने क्षेत्र के ग्राम प्रधानों व बीडीसी के साथ बैठक कर शांति
व्यवस्था बनाने की रणनीति बनाई। पुलिस ने कहा कि गांवों में कोई भी अराजकता
करे तो इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दें। इसके लिए नंबरों का आदान प्रदान
भी हुआ। शहर कोतवाल आलोक सक्सेना ने उरई क्षेत्र
के नव निर्वाचित प्रधान व
बीडीसी व गांव के चौकीदारों के साथ बैठक की और हा कि गांव में कोई भी
अराजकता कोई करे तो इसकी जानकारी दें। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचकर
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। इस दौरान बोहदपुरा, कुकरगांव,
चकजगदेवपुर, धरगुआं , मिनौरा, कुईया आदि के प्रधान मौजूद रहे। इसी तरह आटा
में मनोज सिंह, कालपी में
संतोष सिंह, रेढर में देवेंद्र , माधौगढ़ में
वीपी चतुर्वेदी, एट में वीरेंद्र सिंह, कोटरा में दयाशंकर सिंह, कुठौंद में
जाकिर हुसैन, कोंच में रुद्र कुमार सिंह, डकोर में मनवीर सिंह आदि ने
प्रधान, बीडीसी व चौकीदारों की बैठक कर शांति व्यवस्था बनाने के लिए बैठकें
कीं।
ये गांव है संवेदनशील
कोतवाली उरई के कुईया, धरगुआं,
चकजगदेवपुर, गढऱ, आटा थाना का बम्हौरी , करमेर, कहटा , कमठा आदि, डकोर थाना
के मुहम्मदाबाद, डक ोर, बंधौली, मुहाना, कदौरा का चतेला , करमचंदपुर,
माधौगढ़ थाने का बंगरा, मिझौना आदि गांव अतिसंवेदनशील माने जा रहे हैं।
वर्जन
गांवों
में मारपीट की वारदातों को पुलिस गंभीरता से ले रही है। कोई बड़ी वारदात न
हो इसके लिए पुलिस मुस्तैद है। थाना व कोतवाली में एक जीप में एक दरोगा,
पांच सिपाही व दो होमगार्ड 24 घंटे तैयार रहेंगे। मारपीट या किसी भी तरह की
बात होने पर पुलिस पलक झपकते ही मौके पर पहुंचेगी।
एन कोलांचि