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धू-धूकर जला कान्हा रेस्टोरेंट, मचा हड़कंप

Fri, 08 Mar 2019 11:38 PM IST
gaurav gaurav अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
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कान्हा रेस्टोरेंट में दमकलकर्मियों के आग बुझाने के बाद उठता धुआं। - फोटो : amar ujala
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शहर कोतवाली क्षेत्र के कालपी रोड स्थित राजकीय मेडिकल कालेज के सामने बने कान्हा रेस्टोरेंट में शुक्रवार की दोपहर एक बजे के आसपास अचानक आग लग गई। रेस्टोरेंट से धुआं निकलते देख वहां मौजूद कर्मचारी और ग्राहक चीखते चिल्लाते हुए बाहर की ओर भागे। रेस्टोरेंट से सटा हुआ ही कान्हा का पार्टी हाल और डायग्नोजिस्ट सेंटर भी है। वहां मौजूद लोगों में भी अफरातफरी मच गई। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता आग ने विकराल रुप ले लिया। आनन फानन में दमकल को सूचना दी गई।

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कुछ ही देर में एक के बाद एक पांच दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। सूचना पाकर एसपी स्वामी प्रसाद, सीओ संतोष कुमार, कोतवाल शिव गोपाल वर्मा, अग्निशमन प्रभारी राजाराम यादव भी मौके पर पहुंच गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी रामराजा का कहना है कि फिलहाल एसी से शार्ट सर्किट से आग लगना बताया जा रहा है। आग से सात से आठ लाख के नुकसान का अनुमान है।   

बिना एनओसी चल रहा सब कुछ
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की मानें तो कान्हा वालों के पास सिर्फ रेस्टोरेंट के पीछे बने नर्सिंगहोम की ही एनओसी है, रेस्टोरेंट, पैथोलाजी सेंटर और पार्टी हाल की कोई एनओसी विभाग से नहीं ली गई है। यह तीनों नए सेंटर मुख्य रोड पर साल दो साल से चल रहे हैं। लिहाजा मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना तय है। अस्पताल के साथ पार्टी हाल और रेस्टोरेंट होने का भी कोई तुक नहीं बनता है।
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प्रशिक्षण था नहीं, संयंत्र भी हुए राख
यूं तो रेस्टोरेंट में आग बुझाने के संयंत्र मौजूद थे, लेकिन उन्हें चलाने का किसी भी कर्मचारी को कोई प्रशिक्षण नहीं था। लिहाजा आग लगने पर सभी चीखते चिल्लाते बाहर की ओर भागे, किसी ने भी आग पर काबू करने का प्रयास ही नहीं किया। यदि ऐसा होता तो शायद नुकसान भी कम हुआ होता।

फटते सिलिंडर तो होता बड़ा हादसा
कान्हा रेस्टोरेंट व पार्टी हाल के दूसरी पर बनी किचन में दो भरे सिलिंडर भी रखे हुए थे। इस भीषण अग्निकांड से गनीमत ये रही की आग सिलिंडर तक नहीं पहुंच पाई और दमकल कर्मियों ने सबसे पहले सिलिंडरों को किसी तरह बाहर निकला। अगर सिलिंडर फटते तो स्थिति और भयावह हो सकती थी। इसी आशंका तो देखते हुए आसपास के दुकानदारों ने तो अपना कीमती सामान भी बाहर निकालकर सड़क पर रख लिया था।

तीमारदारों के चेहरों पर भी दिख रहा था खौफ
मुख्य बिल्डिंग के ठीक पीछे कान्हा नर्सिंगहोम भी है। आग का काला धुआं और बाहर सड़क पर मच रहे शोर शराबे के कारण अस्पताल के मरीज भी परेशान हो गए। उनके तीमारदार दौड़ कर बाहर निकले, कुछ तीमारदार जो कि पैथालाजी सेंटर में मौजूद थे, सभी के चेहरे धुआं देखकर फक पड़ रहे थे। यदि कुछ देर आग और न बुझती तो तीमारदार मरीजों को वहां से हटाने की भी तैयारी में नजर आ रहे थे।

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