ट्रांसफार्मर न बदले जाने से खफा लोग नारेबाजी करते।
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सीएम के आदेश की भी बिजली विभाग के अफसरों को परवाह नहीं है। ग्राम पंचायत रूद्रपुरा की दलित बस्ती में तीन माह से 24 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा हैं। अफसर आश्वासन देकर काम चला रहे हैं। इससे नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को बस्ती तिराहे पर अफसरों के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया।
राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत दलित बस्ती में 24 केवीए का ट्रांसफार्मर रखा गया था। इलाके में करीब पांच सौ लोग निवास करते हैं। इनमें सबसे ज्यादा बीपीएल कार्डधारक हैं। यहां के निवासी शंकरलाल, कालीचरन, चूरनलाल, मंशाराम, रामदास ने बताया कि बस्ती में तालाब के समीप लगा ट्रांसफार्मर तीन माह पहले फुंक गया था। बिजली विभाग के अधिकारियों को इस बाबत जानकारी दी गई, लेकिन 90 दिन बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया।
ग्रामीणों ने बताया कि तीन दिन पहले एसडीओ सत्येंद्र प्रताप सिंह ने 48 घंटे के भीतर ट्रांसफार्मर बदलने का भरोसा दिया था, लेकिन अभी तक कोई ट्रांसफार्मर को देखने भी नहीं आया। ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए बिजली विभाग के अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि भीषण गर्मी में उन्हें बिन बिजली के गुजारा करना पड़ रहा है। चेतावनी दी कि अगर जल्द ट्रांसफार्मर न बदला गया तो वह लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
एसडीएम शीतला प्रसाद का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। वे जल्द ही ट्रांसफार्मर चालू कराने के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों से बात करेंगे।