श्रीधर्मादा रक्षिणी सभा द्वारा संचालित कोंच की ऐतिहासिक रामलीला के 164वें महोत्सव में शनिवार की रात लंका दहन लीला का रोमांचक मंचन किया गया। इसमें हनुमान की वीरगाथा का वर्णन किया गया। किस तरह रावण की अशोक वाटिका में उत्पात मचा कर हनुमान ने राक्षसों का संहार किया। हनुमान व रावण के बीच संवादों का आनंद दर्शकों ने भोर
के पौने तीन बजे तक उठाया। अशोक वाटिका में रावण और मंदोदरी का प्रवेश व रावण द्वारा सीता को प्रताड़ित करने का जीवंत प्रसंग देख दर्शक भावविभोर हो उठे। यहां सीता व रावण के बीच बहस में रावण उत्तेजित होकर सीता पर चंद्रहास उठाने लगा। तभी मंदोदरी द्वारा रावण को समझाने का प्रयास किया गया। रावण तनय अक्षयकुमार का वध कर हुनमान
मेघनाद द्वारा नागपाश में बंदी बन कर रावण के दरबार में प्रस्तुत होते हैं। यहां रावण हनुमान की पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है और हनुमान स्वर्ण लंका में आग लगा कर उसे भस्म कर देते हैं। लंका से लौट कर सारा वृत्तांत भगवान राम को सुना कर सीता के साथ हुई भेंट के बाबत बताते हैं। हनुमान की बड़ी ही सशक्त भूमिका अभिषेक रिछारिया ने निभाई,
जबकि रावण सूर्यदीप सोनी, मेघनाद देवेश सोनी, अक्षयकुमार शिवांग दुवे, मंदोदरी अतुल शर्मा, सुग्रीव आनंद पांडे, अंगद शिवम बबेले, विभीषण राजेन्द्र भारद्वाज के अलावा अन्य किरदार ऋषि झा, सुमित झा, गौरीशंकर झा, शुभ सोनी, कृष्णकांत वाजपेयी, ऋतिक याज्ञिक आदि ने निभाए।
आज खंडित होंगे दशग्रीव के शीश, मरेगा मेघनाद
विजय दशमी का पर्व दशहरा 10 अक्तूबर सोमवार को धनुताल के विशाल मैदान में होगा। दशहरा मेला में दशानन के शीश खंडित होंगे और मेघनाद का वध होगा। इसकी जानकारी रामलीला समिति के अध्यक्ष सुधीर सोनी, मंत्री सीताशरण पटेल एवं संयोजक पुरुषोत्तमदास रिछारिया ने दी। बताया कि मेला संपन्न कराने के लिए समिति ने कार्यकर्ताओं, स्वागत
समिति के लोगों यानी गल्ला व्यापारियों के अलावा मीडिया कर्मियों के लिए भी बैज जारी करने का फैसला लिया है। यह भी जानकारी दी है कि रावण मेघनाद के पुतलों को दौड़ाने में भी सिर्फ बैजधारक ही शामिल रहेंगे।